तिलहर विधान सभा चुनाव 2012 के बाद इस बार भी “सपा” से अनवर अली को मिल सकता है टिकट।
उत्तर प्रदेश की 133 तिलहर_विधान सभा, 2012 में अनवर अली के लिए नई थी लेकिन श्री अली ने फिर भी 2012 के विधान सभा चुनाव में खुद को तिलहर से आजमाया और तिलहर की सम्मानित जनता ने भी, अनवर अली का भरपूर सहयोग करते हुए 60,415 मतों से नवाजा, यह दूसरी बात है कि अनवर_अली, दूसरे नंबर पर रहे। समाजवादी पार्टी ने तिलहर विधान सभा से अनवर अली को अपना प्रत्याशी बना कर मैदान में उतारा जिनकी सीधी फ़ाईट बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा से रही। इस चुनाव में BSP प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा ने 71,122 मतों को हासिल कर विधान सभा क्षेत्र पर जीत हासिल करते हुए एक नंबर हासिल तो किया लेकिन सपा प्रत्याशी अनवर अली के सामने काफी मुश्किल हुआ था
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हालांकि समाजवादी पार्टी से अनवर अली और BSP से रोशन लाल वर्मा का मत प्रतिशत का अंतर कुछ खास नहीं रहा था। रिपोर्ट के अनुसार बसपा से जीतने वाले विधायक रोशन लाल वर्मा मत प्रतिशत 36.3% तो वहीं दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी अनवर अली का मत प्रतिशत 30.8% तक पहुंच गया। 5.5% की मत कमी ने अनवर अली को पहले नंबर से दूसरे नंबर रखा था। यह विधान सभा तिलहर मतदाताओं का प्रेम और सहयोग ही था जो अनवर अली फाइट सीधे बसपा के प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा से तब रही जब की भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी रागिनी सिंह को 6905 वोट मिले और वे इस फाइट में चौथे पायदान तक बमुश्किल ही पहुंच सकी थी जबकि वही तीसरे पायदान पर कांग्रेस पार्टी सुनीता कोविद ने 37113 वोट हासिल किए थे।
2012 में तिलहर विधान सभा से जीतने के बाद भी 2017 में प्रदेश के सत्ता परिवर्तन में तिलहर विधान से बसपा से जीते हुए प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा ने मौका देख जहां भारतीय जनता पार्टी का दामन पकड़ते हुए टिकिट हासिल कर तिलहर विधान सभा से, फिर एक बार दल बदल कर जीत हासिल की वहीं अनवर अली समाजवादी पार्टी के वफादार बने रहे और 2017 से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से आज तक इस लंबे अंतराल में भी समाजवादी पार्टी का दामन नहीं छोड़ा, जो अनवर अली को एक बार फिर विधान सभा 133 तिलहर के लिए प्लस पॉइंट नजर आता है लेकिन यह तो समय और मतदाता ही तय कर सकेगा कि की 27 में तिलहर विधान सभा किसके सर पर जनप्रतिनिधि का ताज रखेगी।










