सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
शाहजहांपुर। जनपद की सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजन में प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निस्तारण ऐसा हो जिससे शिकायतकर्ता को वास्तविक संतुष्टि प्राप्त हो।


कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गौरव शर्मा, मुख्य बाल विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित राजस्व, पुलिस, विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान दूर-दराज क्षेत्रों से आए फरियादियों द्वारा अपनी-अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में प्रमुख रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पारिवारिक विवाद, कानून व्यवस्था से संबंधित प्रकरण, पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, जल निकासी, सड़क, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही आदि विषय शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित क्षेत्राधिकारियों/थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं विशेष रूप से भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद एवं शांति व्यवस्था से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, निष्पक्षता तथा त्वरित कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए गए।
भाई उधर जनपद की सबसे बड़ी तहसील तिलहर में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजन की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) द्वारा की गई। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण), उप जिलाधिकारी तिलहर एवं क्षेत्राधिकारी तिलहर के साथ संयुक्त रूप से जनसुनवाई की गई। कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, विकास एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों एवं नगर क्षेत्रों से आए फरियादियों द्वारा अपनी समस्याएँ एवं शिकायतें प्रस्तुत की गईं। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पारिवारिक विवाद, मारपीट, आपसी रंजिश, शांति व्यवस्था से संबंधित प्रकरण, पेंशन, राशन कार्ड, आवास, सड़क, विद्युत एवं जल निकासी से जुड़ी समस्याएँ प्रमुख रूप से शामिल रहीं।










