
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव (US-Iran Conflict) विनाशकारी स्तर पर पहुँच गया है। खाड़ी में मिसाइलों और ड्रोनों से हमले जारी हैं। जानें इस महायुद्ध का हर अपडेट।

CRS NEWS: अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुराना तनाव अब एक सीधे और विनाशकारी सैन्य टकराव (US-Iran War) में बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। जहाँ अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों और नौसैनिक नाकाबंदी पर अपनी पकड़ मजबूत की है, वहीं ईरान ने पूरी खाड़ी (Gulf Region) में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन की भारी बारिश कर दी है। क्या दुनिया एक और महायुद्ध की तरफ बढ़ रही है? यहाँ पढ़ें हर बड़े अपडेट की पूरी जानकारी।
🏥 अस्पताल में दहशत: अहवाज़ में 121 कैंसर पीड़ित बच्चों का रेस्क्यू
इस पूरे US-Iran Conflict का सबसे दर्दनाक पहलू दक्षिण-पश्चिमी ईरान के अहवाज़ शहर में देखने को मिला। अमेरिकी मिसाइलें अहवाज़ के शाहिद बघाई अस्पताल के बेहद करीब आकर गिरीं, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।
- दहशत का माहौल: धमाकों की तेज आवाज से मरीजों और उनके परिवारों में भारी दहशत फैल गई।
- इमरजेंसी इवैक्यूएशन: एहतियात के तौर पर मेडिकल स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई की। अस्पताल से लगभग 211 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। इनमें कीमोथेरेपी ले रहे 121 कैंसर पीड़ित बच्चे भी शामिल थे।
- ईरानी मीडिया का दावा: मेहर और फार्स न्यूज़ के अनुसार, हालांकि किसी के हताहत होने या इमारत को भारी नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने पूरे ईरान में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
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अमेरिका का भीषण प्रहार: CENTCOM का महा-ऑपरेशन
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा का हवाला देते हुए ईरान के खिलाफ हमलों की एक नई और घातक लहर शुरू कर दी है।
प्रमुख निशाने: अमेरिकी सेना ने तेहरान, सेमनन, ग्रेटर टुनब द्वीप और कई तटीय निगरानी सुविधाओं को अपने टारगेट पर लिया।
90 मिनट का विध्वंसक अभियान: ग्रेटर टुनब द्वीप पर तटीय रक्षा प्रणालियों और क्रूज मिसाइल साइटों को नष्ट करने के लिए अमेरिकी फाइटर जेट्स ने लगातार 90 मिनट तक बमबारी की।
विस्फोटों से दहले शहर: ईरान के कशम द्वीप, बंदर अब्बास, रास्क, चाबहार, बंदर इमाम खुमैनी और बुशहर में भारी विस्फोटों की सूचना है। (ध्यान रहे: बुशहर में ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है)। खतरे को देखते हुए तेहरान और पाकदाश्त में वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) को हाई-अलर्ट पर एक्टिव कर दिया गया है।
समंदर में नाकाबंदी: तेल टैंकर ‘एम/टी बेल्मा’ पर एक्शन
अमेरिकी बलों ने खर्ग द्वीप के पास और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी को और भी सख्त कर दिया है।
टैंकर पर एक्शन: कुराकाओ (Curacao) के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एम/टी बेल्मा’ (M/T Belma) को अमेरिकी नौसेना ने तब रोक दिया जब वह नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल: एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने सटीक हमला करते हुए टैंकर की चिमनी (स्मॉकस्टैक) में हेलफायर मिसाइलें दागीं। इससे जहाज बिना डूबे ही समंदर के बीच पूरी तरह निष्क्रिय हो गया।
ईरान का खौफनाक पलटवार: ‘बदले की आग’ में IRGC के ताबड़तोड़ हमले
अस्पताल से बच्चों को निकाले जाने और मार्च में मिनाब के एक स्कूल में हुए कथित अमेरिकी हमले (जिसमें ईरान ने 168 बच्चों के मारे जाने का दावा किया था) का बदला लेने के लिए, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए हैं:
जॉर्डन (अज़राक एयरबेस): ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से इस अमेरिकी सैन्य केंद्र की संचार प्रणालियों (Communication Systems) और विमानों के ईंधन भंडारण सुविधाओं को नष्ट करने का बड़ा दावा किया है।
बहरीन (शेख ईसा एयरबेस): यहाँ किए गए हमले में ईरान ने हवाई निगरानी रडार और लड़ाकू विमानों के लिए बने फ्यूल पंपिंग स्टेशन को तबाह करने का दावा किया। हमले के बाद बहरीन में खतरे के सायरन गूंज उठे।
कुवैत (अली अल सलेम एयरबेस): इस एयरबेस पर अमेरिकी सैनिकों के जमावड़े और अर्ली-वार्निंग रडार सिस्टम पर मिसाइल और ड्रोन दागे गए। हालांकि, कुवैत रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
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क्या मध्य-पूर्व में शुरू हो चुका है एक नया युद्ध?
वाशिंगटन और तेहरान के बीच यह सैन्य टकराव अब ‘प्वाइंट ऑफ नो रिटर्न’ पर पहुँच गया है। अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की सैन्य और ड्रोन क्षमताओं को पंगु बनाना है, तो वहीं ईरान ने क्षेत्र में मौजूद हर अमेरिकी संपत्ति को खाक में मिलाने की कसम खाई है।
फिलहाल, ईरानी दावों पर पेंटागन (Pentagon) या यूएस सेंटकॉम ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट है कि मध्य-पूर्व एक बार फिर एक बड़े और विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ेगा।






