
CRS NEWS :- Awarapan 2 Movie Review: 19 साल बाद लौटे शिवम पंडित का दिखा दमदार अवतार, जानिए कैसी है इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’
साल 2007 में आई फिल्म ‘Awarapan’ का सीक्वल ‘Awarapan 2’ बड़े पर्दे पर दस्तक दे चुका है। ‘समोसा क्रिटिक्स’ (Samosa Critics) के होस्ट अभिषेक मनचंदा और प्रशांत कपूर ने इस फिल्म का विस्तृत रिव्यू किया है। 19 साल लंबे इंतजार के बाद इमरान हाशमी एक बार फिर अपने आइकोनिक किरदार ‘शिवम पंडित’ के रूप में वापस आए हैं। आइए जानते हैं क्रिटिक्स के अनुसार यह सीक्वल दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट खुद इमरान हाशमी हैं। शिवम पंडित के गंभीर और इंटेंस किरदार में उनकी एक्टिंग बेहद प्रभावी और ग्रिपिंग है। क्रिटिक्स का मानना है कि इस तरह की सीरियस और इमोशनल भूमिकाओं के लिए इमरान से बेहतर कोई नहीं हो सकता। 19 साल बाद भी उन्होंने अपने किरदार के दर्द और गहराई को पूरी शिद्दत से पर्दे पर उतारा है।
‘Awarapan’ फ्रेंचाइजी की पहचान हमेशा से इसका म्यूजिक रहा है। सीक्वल में भी मेकर्स ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है। फिल्म में 2007 की मूल फिल्म के आइकोनिक ट्रैक्स और नॉस्टेल्जिया का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही अरिजीत सिंह की आवाज में नए गानों का समावेश दर्शकों से सीधा भावनात्मक जुड़ाव (Emotional Connection) स्थापित करता है।
फिल्म की कहानी और डायरेक्शन की बात करें तो इसकी पेसिंग काफी फास्ट है। पटकथा दर्शकों को जोड़े रखती है और कहीं भी सुस्त या बोरिंग महसूस नहीं होती। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी की विशेष तारीफ की गई है, जहाँ लाइटिंग और टोन का इस्तेमाल डार्क, इंटेंस दृश्यों और ब्राइट, पॉजिटिव मोमेंट्स के बीच अंतर दिखाने के लिए बहुत बारीकी से किया गया है।
तारीफों के साथ-साथ क्रिटिक्स ने फिल्म के कुछ कमजोर पहलुओं पर भी ध्यान दिलाया है:
* कमजोर विलेन: मूल फिल्म के मुकाबले इस पार्ट का विलेन थोड़ा कमजोर नजर आता है। उसमें वह आभामंडल (Stature) महसूस नहीं होता जो मुख्य किरदार (इमरान हाशमी) को कड़ी चुनौती दे सके।
* कलाकारों का कम इस्तेमाल: शबाना आजमी, सुविंदर विक्की और विजयांत कोहली जैसे मंझे हुए कलाकारों को फिल्म में स्क्रीन टाइम और स्पेस कम मिला है, जिसके कारण उनकी प्रतिभा पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाई।
‘समोसा क्रिटिक्स’ ने ‘Awarapan 2’ को 3/5 (3 स्टार्स) दिए हैं। अगर आप इमरान हाशमी के फैन हैं और 2000 के दशक वाले इमोशनल-एक्शन ड्रामा को बड़े पर्दे पर दोबारा महसूस करना चाहते हैं, तो ‘आवारापन 2’ सिनेमाघरों में देखने लायक एक अच्छी फिल्म है।







