तिलहर बाईपास चौराहा पर ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों का ‘आतंक’, पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल।
जाम का विरोध करने पर दुकानदार पर लाठी-डंडों और सरिया से हमला, सिर फटा; पिंक बूथ और 112 पीआरवी की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्था बेपटरी।
तिलहर/शाहजहांपुर। तिलहर बाईपास चौराहा इन दिनों ई-रिक्शा और डग्गामार ऑटो के बेतरतीब संचालन से जाम और अव्यवस्था का केंद्र बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि चौराहे से महज कुछ कदम की दूरी पर पुलिस का पिंक बूथ और 112 पीआरवी मौजूद रहने के बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने वाला कोई नजर नहीं आता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद डग्गामार वाहनों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में वाहनों से अवैध वसूली को लेकर उठते रहे सवालों के बाद अब कथित तौर पर ई-रिक्शा, ऑटो और डग्गामार वाहनों के ‘नंबर लगाने’ के नाम पर वसूली किए जाने की चर्चा है। आरोप है कि इसी कथित व्यवस्था के चलते बाईपास चौराहा और पुल के नीचे वाहनों की अव्यवस्थित भीड़ लगी रहती है और आए दिन वाहन चालकों तथा अन्य लोगों के बीच विवाद की स्थिति पैदा होती रहती है।
जाम का विरोध करना पड़ा भारी
बताया जा रहा है कि रविवार को बाईपास चौराहा पर हारून नामक दुकानदार के साथ मारपीट की घटना सामने आई। आरोप है कि हारून ने डग्गामार वाहनों के कारण लग रहे जाम का विरोध किया था। इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने कथित तौर पर लाठी-डंडों और सरिया से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और कई टांके लगाने पड़े।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मारपीट की घटनाएं होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से दबंगों और वाहन संचालकों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
‘फोन’ के दबाव में कार्रवाई पर सवाल
सूत्रों का दावा है कि घटना के बाद आरोपियों को बचाने के लिए प्रभावशाली लोगों के फोन पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने लगे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रभावशाली लोगों के कथित हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बाईपास चौराहा पर पुलिस का पिंक बूथ और 112 पीआरवी मौजूद है, तो फिर डग्गामार वाहनों की मनमानी, जाम और मारपीट की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है?
स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बाईपास चौराहा पर अवैध वसूली की शिकायतों की जांच करने, डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। साथ ही मारपीट की घटना में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।







