
अखिलेश यादव के निर्देश पर ऊंचाहार पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, परिवारों की सुनी पीड़ा; सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने सरकार पर साधा निशाना
CRS NEWS रायबरेली/ऊंचाहार। ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में सामने आए दो गंभीर मामलों को लेकर समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवारों का समर्थन करते हुए प्रशासन और प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल ऊंचाहार पहुंचा और दोनों पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटनाओं की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार के सदस्यों की समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
पहला मामला ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के बिकरगढ़ गांव का है। गांव निवासी राजू यादव ने आठ अगस्त को अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद परिवार की ओर से पुलिस प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। आरोपों को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। बताया गया कि यह हंगामा करीब दो दिन तक चला। बाद में प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए थे।
घटना के बाद अब सपा प्रतिनिधिमंडल ने राजू यादव के परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। नेताओं ने परिजनों से घटना से जुड़े तथ्यों और उनकी ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बारे में विस्तार से बातचीत की। परिवार ने प्रतिनिधिमंडल के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।
दूसरे पीड़ित परिवार से भी मिला प्रतिनिधिमंडल
सपा प्रतिनिधिमंडल ने ऊंचाहार क्षेत्र में हत्या के एक अन्य मामले के पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी ली और उनकी समस्याओं को सुना। नेताओं ने कहा कि दोनों मामलों को पार्टी गंभीरता से ले रही है और पीड़ित परिवारों की आवाज को पार्टी स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परिवारों से मिली जानकारी और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी। इसके बाद पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी। सपा नेताओं ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और न्याय की लड़ाई में पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।
सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने सरकार पर साधा निशाना
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में पीड़ितों को इंसाफ मिलना मुश्किल है। उनका दावा था कि आने वाले समय में सपा की सरकार बनने पर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का काम किया जाएगा। उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार के जाने के बाद ही पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिलने की उम्मीद है।
सपा नेताओं ने प्रशासन से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं, पुलिस प्रताड़ना के आरोपों की जांच और हत्या के मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर भी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं।
सपा प्रतिनिधिमंडल के पीड़ित परिवारों के घर पहुंचने के बाद इन दोनों मामलों को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। एक ओर पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इन मामलों को राजनीतिक स्तर पर उठाने का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि संबंधित आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पीड़ित परिवारों को न्याय कब तक मिल पाता है।







