
राष्ट्रपति और डीएम को ज्ञापन, न्यायिक जांच व मस्जिद के पुनर्निर्माण की उठाई मांग
CRS NEWS रायबरेली। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 100 वर्ष पुरानी बताई जा रही वक्फ मस्जिद के ध्वस्तीकरण के विरोध में AIMIM ने आवाज उठाई है। पार्टी के रायबरेली जिलाध्यक्ष सैयद ताजदार हुसैन नकवी एवं जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद आबिद एडवोकेट ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति और जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि मस्जिद को सरकारी भूमि पर निर्माण का हवाला देते हुए ध्वस्त कराया गया। AIMIM ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक स्थल से जुड़े किसी भी मामले में संबंधित पक्ष को पर्याप्त नोटिस, सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया का अवसर दिया जाना चाहिए।
संगठन ने वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों का हवाला देते हुए मस्जिद की भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में मस्जिद से संबंधित दावे सही पाए जाते हैं तो वक्फ बोर्ड की निगरानी में उसी स्थान पर मस्जिद का पुनर्निर्माण कराया जाए। संगठन ने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने और किसी भी पक्ष के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई से बचने की अपील की।
AIMIM जिलाध्यक्ष सैयद ताजदार हुसैन नकवी ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।







