
अपराध नियंत्रण से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की समीक्षा, सीयूजी फोन नहीं उठाने वालों पर जताई नाराजगी
CRS NEWS रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 24 अगस्त को प्रस्तावित रायबरेली दौरे से पहले पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शुक्रवार रात करीब नौ बजे लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस. रायबरेली पहुंचीं और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
आईजी ने अधिकारियों से लंबित विवेचनाओं, वांछित एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, अपराध की स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता की जानकारी ली। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
आगामी त्योहारों और कांवड़ यात्रा को देखते हुए आईजी ने संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और लगातार गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी छोटी सूचना को नजरअंदाज न किया जाए और विवाद को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जाए।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और भड़काऊ सूचनाओं पर भी नजर रखने तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सीएम के कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा परखी
आईजी ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट और पुलिस बल की तैनाती समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
सीयूजी फोन नहीं उठाने वालों को सख्त संदेश
समीक्षा के दौरान आईजी ने पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबरों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सीयूजी नंबर जनता की सुविधा के लिए हैं और इन पर आने वाली कॉल को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
आईजी ने निर्देश दिया कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सीयूजी फोन का जवाब दें और शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुनकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर कॉल बैक कर शिकायतकर्ता से संपर्क करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
आईजी के सख्त रुख से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश गया कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता से बेहतर संवाद और पुलिस की जवाबदेही भी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले हुई इस समीक्षा के बाद जिले की पुलिस व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है।







