बाढ़ से निपटने की तैयारियों की प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।

शाहजहांपुर, 22 अगस्त 2026। प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को विकास भवन सभागार में बाढ़ से बचाव एवं राहत की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी व्यवस्थाओं का नियमित सत्यापन करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक जनपद में बाढ़ का कोई विशेष जोखिम नहीं है। इसके बावजूद प्रभारी मंत्री ने संभावित परिस्थितियों को देखते हुए सभी संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ संभावित एवं पूर्व में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों को चिन्हित करने तथा बाढ़ शरणालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से लिया जाए। राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
71 बाढ़ चौकियां और 60 राहत शरणालय चिन्हित
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि जनपद में आपदा मित्रों की नियुक्ति की गई है और एनडीआरएफ की टीम भी कार्यरत है। संभावित जलभराव से निपटने के लिए ट्रैक्टर, जेसीबी, स्टीमर, लाइफ जैकेट, नाव और मोटर बोट सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। पशुओं की सुरक्षा के लिए गोशालाओं एवं पशु शिविरों की भी व्यवस्था की गई है।
जनपद में कुल 71 बाढ़ चौकियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें सदर में 17, तिलहर में 25, पुवायां में 6, जलालाबाद में 13 और कलान में 10 बाढ़ चौकियां शामिल हैं। आवश्यकता के अनुसार इन्हें संचालित किया जाएगा।
इसी प्रकार 60 राहत शरणालय चिन्हित किए गए हैं। इनमें सदर में 40, तिलहर में 6, पुवायां में 6, जलालाबाद में 4 और कलान में 4 शरणालय शामिल हैं। इन शरणालयों में करीब 40 हजार लोगों के ठहरने की क्षमता है।
80 नाव और 15 मोटर बोट की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए जनपद में 11 पशु शिविर चिन्हित किए गए हैं, जिनमें करीब 5 हजार पशुओं को रखा जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कराने के लिए 80 नाव और 15 मोटर बोट चिन्हित की गई हैं। अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त इमरजेंसी एसेंशियल रिसोर्स रिजर्व किट मोटर बोट सहित तहसील कलान के पास उपलब्ध है।
बचाव कार्य के लिए 20 गोताखोर, 7 मेडिकल टीमें, 30 चिकित्सक, 60 पर्यवेक्षक तथा 131 कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
गंगा, रामगंगा समेत छह नदियां संवेदनशील
जनपद में गंगा, रामगंगा, खन्नौत, गर्रा, गोमती और बहगुल प्रमुख नदियां हैं। कैमुआ, डबरी, भक्सी और अरिल समेत विभिन्न नालों के कारण भी जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
गंगा नदी के बाएं किनारे पर मिर्जापुर ब्लॉक के गांवों की सुरक्षा के लिए भैसार ढाईघाट तटबंध तथा गर्रा नदी पर सदर तहसील क्षेत्र में अजीजगंज तटबंध मौजूद है। बाढ़ बचाव की छह नवीन परियोजनाओं का कार्य पूरा किया जा चुका है और फ्लड फाइटिंग के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।
24 घंटे संचालित है कंट्रोल रूम
जनपद के 14 बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं। बाढ़ राहत किट, नाव-मोटर बोट, शेल्टर होम की लॉजिस्टिक व्यवस्था और लंच पैकेट की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पशुओं के लिए भूसा एवं चारे की व्यवस्था के लिए भी टेंडर पूर्ण है।
जनपद में एनडीआरएफ की एक टीम तथा पीएसी की डेढ़ सेक्शन टीम हनुमत धाम पर प्री-डिप्लॉयड है। करीब 100 आपदा मित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनियों को जनपद एवं तहसील स्तरीय वाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से प्रसारित किया जाता है। सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को समय-समय पर चेतावनी दी जाती है।
बाढ़ या आपदा की स्थिति में तत्काल सूचना एवं सहायता के लिए जनपद का 24×7 कंट्रोल रूम संचालित है। कंट्रोल रूम के नंबर 05842-462754, 351037 और 351038 बताए गए हैं।







