250 कर्मचारियों के बाद भी तिलहर नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप, सभासद नाराज। 






सफाई व्यवस्था से नाराज़ सभासदों ने कई ट्रॉली नगर पालिका परिसर में डलवा दिया वार्डों का कचरा, घंटों फैली रही दुर्गंध।
तिलहर/शाहजहांपुर। नगर में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। करीब 250 सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद नगर के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था बदहाल होने से नाराज सभासदों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए विभिन्न वार्डों से एकत्रित कचरे की कई ट्रॉलियां नगर पालिका परिसर में ही डलवा दीं। देखते ही देखते पालिका परिसर में कूड़े का ढेर लग गया और आसपास के क्षेत्र में घंटों तक दुर्गंध का माहौल बना रहा।
सभासदों का आरोप है कि नगर में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था अपेक्षित रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि दर्जनभर से अधिक सफाई नायकों और सफाई कर्मचारियों पर पालिका के अधिकारियों और बाबुओं की कमांड प्रभावी नहीं रह गई है। आरोप है कि कुछ सफाई नायक अपनी मनमानी के चलते निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्य नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण नगर के कई वार्डों में नियमित सफाई प्रभावित हो रही है।
सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि दर्जनभर से अधिक सफाई कर्मचारियों से चेयरमैन द्वारा निजी कार्य कराए जाते हैं और ये कर्मचारी अधिकांश समय उनके आवास पर ही रहते हैं। सभासदों के इन आरोपों के चलते नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
नगर पालिका परिसर में वार्डों का कचरा डाले जाने की सूचना के बाद काफी देर तक स्थिति बनी रही। बताया गया कि मौके पर मौजूद कुछ पालिका कर्मचारी वहां से चले गए। करीब दो घंटे बाद अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर सफाई नायकों और सफाई कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा प्रभावित वार्डों में तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
अधिशासी अधिकारी ने सफाई निरीक्षक राजीव कुमार को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है, वहां तत्काल सफाई कराकर स्थिति सामान्य कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही अधिशासी अधिकारी ने सफाई नायकों और सभासदों के साथ बैठक कर नगर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के संबंध में सुझाव भी आमंत्रित किए। बैठक में सफाई व्यवस्था में आ रही समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की गई।
नगर पालिका परिसर में वार्डों से लाकर डाला गया कचरा और उससे उठती दुर्गंध पूरे मामले की गंभीरता को बयां करती रही। अब देखना यह है कि पालिका प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद नगर की सफाई व्यवस्था में कितना सुधार आता है और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ व्यवस्था को किस तरह पटरी पर लाया जाता है।
अधिशाषी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि MRF सेंटर के रास्ता बारिश में डूब गया था जिसे अब पूरी तरह दुरुस्त करा लिया गया है लेकिन फिर भी ठीक ठाक चार रही थी। आज यह जो कुछ भी हुआ है हालांकि यह ठीक नहीं है लेकिन सफाई व्यवस्था के संबंध में हर वो कदम उठाने के लिए पालिका तत्पर जिससे नगर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखा जा सके। कर्मचारियों की कमी नहीं है। समस्या जहां भी आ रही है वहां उसे तत्काल निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है और जो मेरे करने का है उसे हम भी कर रहे है।






