
CRS NEWS:- थाने अमित शाह की फोटो देख भड़के राहुल गांधी।
जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब को पेलेट गन से चोट लगी थी। घटना के संबंध में औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के उद्देश्य से राहुल गांधी पीड़ित छात्र के साथ थाने पहुंचे। प्रशासनिक शिथिलता पर सवाल: ईमेल और डाक से शिकायत भेजने के बावजूद पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज न करने और जांच अधिकारी (IO) तय न करने पर राहुल गांधी ने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे।
थाने में सत्याग्रह: पुलिस अधिकारियों के टालमटोल भरे रवैये के बाद राहुल गांधी ने थाने में ही बैठकर विरोध शुरू कर दिया।जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन मामला: राहुल गांधी के हस्तक्षेप और 8 घंटे के गतिरोध के बाद दर्ज हुई FIR
नई दिल्ली:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लोचब के मामले में संसद मार्ग थाना पुलिस ने आखिरकार एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पुलिस स्टेशन में दिए गए लंबे धरने के बाद संभव हो सकी।
19 वर्षीय पीड़ित साहिल लोचब का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद पत्राचार और ईमेल के जरिए पुलिस को शिकायत भेजी गई थी, लेकिन न तो मामला दर्ज किया गया और न ही किसी जांच अधिकारी (IO) की नियुक्ति हुई। पुलिस की इस बेरुखी के बाद पीड़ित पक्ष ने विपक्ष के नेता से संपर्क साधा।
राहुल गांधी स्वयं छात्र के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे और अधिकारियों से देरी का कारण पूछा। जब पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल को डीसीपी ऑफिस जाने की सलाह दी, तो राहुल गांधी ने पुलिस स्टेशन के भीतर ही अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिकायत दर्ज कर रसीद नहीं दी जाती, वे वहीं डटे रहेंगे।
तकरीबन आठ घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज की। मामले में केस दर्ज होने के बाद साहिल ने कहा कि न्याय की दिशा में यह पहला कदम है, लेकिन उन्होंने चिंता जताते हुए सवाल किया कि यदि किसी आम नागरिक को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी संसद के शीर्ष नेताओं के साथ की जरूरत पड़े, तो आम आदमी की सुनवाई कैसे होगी।







