रामलीला मैदान में शिव महापुराण कथा के नवम दिवस पर शिव-विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन।


शाहजहांपुर। रामलीला मैदान खिरनी बाग में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के नवम दिवस पर कथा व्यास प्रशांत प्रभु जी महाराज ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और शिव-विवाह प्रसंग सुनकर वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास ने माता पार्वती की कठोर तपस्या, देवर्षि नारद की भविष्यवाणी तथा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के उनके अटूट संकल्प का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि माता पार्वती ने कठिन साधना, दृढ़ निष्ठा और अटूट भक्ति के बल पर भगवान शिव को प्राप्त किया। उनका जीवन भक्ति, समर्पण और धैर्य का सर्वोच्च उदाहरण है।
प्रशांत प्रभु जी महाराज ने कहा कि मनुष्य गृहस्थ आश्रम में रहते हुए भी भगवान की भक्ति, सत्कर्म और वैराग्य के मार्ग पर चलकर आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकता है। सच्चा वैराग्य संसार का त्याग करना नहीं, बल्कि संसार में रहते हुए भी अपने मन को ईश्वर के प्रति समर्पित रखना है।
कथा के दौरान भगवान शिव की अद्भुत बारात का मनोहारी वर्णन किया गया। शिवगणों, भूत-प्रेतों, देवताओं और ऋषि-मुनियों से सुसज्जित शिव बारात के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। शिव-पार्वती के पावन विवाह की कथा के माध्यम से भक्तों को धर्म, भक्ति, समर्पण और आदर्श दांपत्य जीवन का संदेश दिया गया।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का गुणगान करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं सर्वकल्याण की कामना की। इसके बाद विधि-विधान से आरती एवं पूजन किया गया।
आरती पूजन में अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा, प्रमुदित मिश्रा, सुनील पाठक, हरि किशोर गुप्ता, रामचंद्र सिंघल, उमा सिंघल, सुबोध रावत, हरि शरण बाजपेई, सीमा बाजपेई, श्री दत्त शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख मुनेश्वर सिंह, ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा, विश्व मोहन बाजपेई, दिनेश गुप्ता, नीरज बाजपेई, गौरव त्रिपाठी, अखिलेश सिंह, अभिषेक बाजपेई, नैमिष मिश्रित निगम, तीर्थ बाजपेई सहित अन्य श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजन समिति ने कथा में सहभागिता करने वाले सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।







