
CRS NEWS:- झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब गंभीर कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले चुका है। पिछले 25 दिनों से जारी यह विरोध प्रदर्शन रांची में पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद पुलिस कार्रवाई और अदालती लड़ाइयों में तब्दील हो गया है।
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मामला 21 अगस्त को उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब रांची में पुतला दहन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। इसके जवाब में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष कुमार और रवींद्र पासवान समेत कई छात्र नेताओं, कार्यकर्ताओं और एक स्थानीय पत्रकार पर प्राथमिकी दर्ज की है। रांची के अलावा हजारीबाग और गिरिडीह में भी इसी प्रकार के मामले दर्ज किए गए हैं।
विवाद का मुख्य बिंदु 18 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा 22 भर्ती परीक्षाओं को अचानक रद्द किया जाना था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ पूर्व में चयनित अभ्यर्थी झारखंड उच्च न्यायालय पहुंच गए। उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सरकार के रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी, जिससे आंदोलनकारी छात्रों का असंतोष और अधिक बढ़ गया।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ नामक सोशल मीडिया हैंडल की साइबर जांच कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य में राजनीति भी तेज हो गई है; जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने और स्थिति को बिगाड़ने के आरोप लगा रहे हैं।






