
CRS NEWS कानपुर। शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। कानपुर में कूड़े के ढेर पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट के डिब्बे फेंके गए। हैरानी की बात यह रही कि कूड़े के ढेर पर पड़े इन खाद्य पदार्थों को कुछ लोग उठाकर अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि इनमें पढ़े-लिखे लोग भी शामिल थे।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थों को खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। खासकर चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट जैसी चीजें बच्चों में काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे में आशंका है कि यदि इन सामानों को घर ले जाकर बच्चों या अन्य लोगों को खिला दिया गया तो वे बीमार पड़ सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री को खुले में कूड़े के ढेर पर फेंकने के बजाय उसे नष्ट करने की उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, ताकि कोई व्यक्ति उसे दोबारा इस्तेमाल या बेच न सके। कूड़े में पड़े खाद्य पदार्थों को लोग उठा ले जाते हैं तो उनके दोबारा बाजार या घरों तक पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है।
बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक
विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती। लंबे समय तक रखे रहने से इनमें स्वाद, गंध और गुणवत्ता में बदलाव के साथ-साथ कुछ परिस्थितियों में हानिकारक सूक्ष्मजीवों का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे उत्पादों को बच्चों से दूर रखना बेहद जरूरी है।
जिम्मेदार विभागों से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम से मामले का संज्ञान लेकर यह पता लगाने की मांग की है कि इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी खाद्य सामग्री कूड़े के ढेर तक कैसे पहुंची। साथ ही यह भी जांच जरूरी है कि कहीं इन उत्पादों को दोबारा बाजार में बेचने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी।
लोगों का कहना है कि कूड़े से खाद्य पदार्थ उठाकर ले जाना जागरूकता की कमी का संकेत है। प्रशासन को ऐसे मामलों में खाद्य सामग्री के सुरक्षित निस्तारण के साथ-साथ लोगों को भी जागरूक करना चाहिए, ताकि एक्सपायरी सामान को उठाकर इस्तेमाल करने से होने वाले संभावित स्वास्थ्य नुकसान को रोका जा सके।







