ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग बैठक।

2 से 20 सितंबर तक चलेगी प्रथम स्तरीय जांच, एफएलसी हॉल में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित।
शाहजहांपुर, 1 सितंबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने की।
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से जारी ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम एवं वीवीपैट से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकृत अधिकारी, कर्मचारी एवं राजनीतिक दलों के पदाधिकारी निर्धारित पहचान-पत्र के साथ मेटल डिटेक्टर से फ्रिस्किंग के बाद एफएलसी हॉल में प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रवेश के समय समुचित तलाशी ली जाएगी और प्रवेश एवं निकास का विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
एफएलसी हॉल में मोबाइल, कैमरा और स्पाई पेन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे उपकरण हॉल के बाहर स्थापित हेल्प डेस्क पर जमा कराने होंगे। आयोग की गाइडलाइन के अनुसार केवल नामित निर्वाचन अधिकारियों तथा अधिकृत बीईएल/ईसीआईएल इंजीनियरों को निर्धारित कार्य के लिए मोबाइल रखने की अनुमति होगी।
एफएलसी का कार्य 2 सितंबर से लगभग 20 सितंबर तक लगातार चलेगा। अवकाश के दिनों में भी जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। सुरक्षा के लिए न्यूनतम एक सेक्शन सुरक्षा बल की ओर से 24 घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
एफएलसी प्रक्रिया को देखने के लिए आने वाले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित प्रारूप में दर्ज की जाएगी। इसकी प्रतिदिन की सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराई गई गूगल शीट पर अपडेट की जाएगी।
मॉक पोल के बाद वीवीपैट पर्चियों से होगा मिलान
एफएलसी पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। मॉक पोल के परिणाम का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। मॉक पोल के लिए मशीनों का चयन रैंडम आधार पर किया जाएगा।
मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मॉक पोल देखने के साथ ही इच्छानुसार स्वयं मॉक पोल करने की अनुमति भी होगी। मॉक पोल के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर निर्धारित रजिस्टर में लिए जाएंगे।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिलाधिकारी निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।







