बाराबंकी घटना को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन, चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा बढ़ाने की मांग।
शाहजहांपुर। बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले के साथ कथित घटना को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा सांसद की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद मृतक विनोद कुमार साहनी और रमेश कोरी के परिजनों से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया और उन्हें बुढ़वल गेस्ट हाउस ले जाया गया। ज्ञापन में पुलिस और सांसद के बीच तीखी बहस व धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनने का भी आरोप लगाया गया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने काफिले पर पथराव कर वाहनों में तोड़फोड़ की। कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट किए जाने की शिकायत भी ज्ञापन में की गई है। पार्टी ने घटना की स्वतंत्र जांच कराने के साथ CCTV फुटेज, वीडियो, बॉडी-कैम फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की।
सांसद की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में चंद्रशेखर आजाद को पूर्व में मिली कथित जान से मारने की धमकियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा संबंधी घटनाओं का हवाला देते हुए तत्काल थ्रेट असेसमेंट कराने की मांग की गई। पार्टी ने खतरे की समीक्षा के आधार पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने, पर्याप्त एस्कॉर्ट व रूट सिक्योरिटी उपलब्ध कराने तथा कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच और लापरवाही अथवा दुर्व्यवहार पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में मंडल प्रभारी महेश चंद्र सागर, जिलाध्यक्ष अनिल कुमार, स्वयं प्रकाश कौशल एडवोकेट, राना सिंह, हुकुम सिंह, अशोक कुमार, हवलदार सिंह, महेश वर्मा, हरिराम वर्मा, अमित शांख्यवार, विशाल शांख्यवार, रीत राम कनौजिया, रविराज, प्रेमबाबू, अनिल जाटव, दिनेश गौतम, विपिन गौतम समेत आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ता शामिल रहे।






