मधुमक्खी पालन ने बदली किसान वेदराम की तकदीर, पहली बार 1.25 लाख का शुद्ध मुनाफा।
शाहजहांपुर, 13 सितंबर। पारंपरिक खेती में सीमित आमदनी से जूझ रहे तिलहर क्षेत्र के किसान वेदराम ने मधुमक्खी पालन को आय का नया जरिया बनाकर मिसाल कायम की है। उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) योजना के तहत स्थापित मधुमक्खी पालन इकाई से उन्हें पहली बार करीब 1.25 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है।
ग्राम ढका निवासी वेदराम पुत्र सियाराम पहले धान, गेहूं और गन्ने की पारंपरिक खेती करते थे। बढ़ती लागत और अपेक्षाकृत कम आमदनी के चलते उन्होंने उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी ली। जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक के मार्गदर्शन और योजना प्रभारी अनिल कुमार के सहयोग से उन्होंने पॉलीनेशन सपोर्ट थ्रू बी-कीपिंग कार्यक्रम के तहत अपने खेत पर मधुमक्खी पालन इकाई स्थापित की।
इकाई की कुल लागत करीब 2.56 लाख रुपये आई, जिसमें विभाग की ओर से 1.28 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। वेदराम के अनुसार उत्पादन पर करीब 70 हजार रुपये खर्च हुए और सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें लगभग 1.25 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि मधुमक्खी पालन में कम भूमि की आवश्यकता होती है और युवाओं व किसानों की इसमें रुचि तेजी से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में आठ इकाइयों का लक्ष्य था, जिनके सफल संचालन के बाद अब 10 नई मधुमक्खी पालन इकाइयों की स्थापना के लिए अतिरिक्त लक्ष्य की मांग भेजी गई है।
विभाग की ओर से इच्छुक किसानों और युवाओं को मधुमक्खी पालन की तकनीक, यूनिट स्थापना और सरकारी अनुदान की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि मधुमक्खी पालन से किसानों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक और विविधीकृत खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान वेदराम की सफलता अब आसपास के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।






