गन्दिगी पर सियासत का नगर पालिका, स्वच्छता बस एक ढ़ोग!
स्वच्छता में कैसे आ पाएगा नम्बर 1 तिलहर!

CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-पूरे नगर की कमांण्ड हाथ में रखते हुए या फिर प्रशसनिक सिस्टम का हिस्सा बने हुए शहर को स्वच्छ रखने में सिस्टम पर ध्यान जरूरी है न कि सियासत और छुट भैये नेताओं की चाटूकारिता जिससे शासन बदनाम होता नज़र आता है!
शहीदो की नगरी शाहजहाँपुर जब से नगर निग़म बन गया तब से उसमें आने वाली सबसे बड़ी तहसील तिलहर की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ गई लेकिन यह सिर्फ काग़जो तक ही सीमित है! क्यूंकि यदि यह सच़ नही तो फिर नगर भर में गन्दगी की भरमाण क्यूं!
नगर पालिका तिलहर स्थित तहसील प्रागंण में बना मीटिंग हॉल भले ही 7 दिन अधिकारियों और कर्मचारियों की गहमा गहमी बनाए रखता हो परन्तु पास में ही बहते मूत्र की गंध शायद ही किसी को लगती हो! हालाकि तहसील परिसर में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत पालिका प्रशासन ने अलग से भी शौचायल और मूत्रालय निर्माण करा दिए लेकिन उनकी देख देख या साफ सफाई की जिम्मेदारी न तो पालिका प्रशासन उठा सका और न ही तहसील प्रशासन यानि स्वच्छता शौच का ढ़ोल और सरकारी धन का बंदर बांट!
नगर के या नगर से सम्बन्धित अन्य सार्वजनिक स्थानो पर होनो वाली गन्दिगी का जिम्मा आखिर उठाए कौन! प्रसाशनिक सर्विस को पंच वर्षीय ससियासत की मजबूत जंजीरे विकास कार्यो के नाम पर पोटरगंज तक बिकवा रही हैं तो भला सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने में उपकरण कैसे और क्यू़ खरीदे जांय! सारी की सारी जिम्मेदारी नगर की जनता की ठहरी, यह मोटा मोटा सरकारी वेतन काहे निभाए जिम्मेदारी! अधिशासी अधिकारी अपने दायित्वो का निर्वाहन इस हद तक पूरा करते है कि विकास से सम्बन्धित RTI का जबाब नही मिलता क्यूंकि कहीं न कहीं तो फांस है ही!










