तिलहर में चोरों का बढ़ रहा है आतंक, पुलिस की सुस्ती पर उठे रहे सवाल।
सीसीटीवी में चेहरे कैद, पांच दिन बाद भी पुलिस खामोश, दोबारा चोरी करने पहुंचे युवकों को पकड़ने पर जागी पुलिस।
तिलहर/शाहजहांपुर। नगर क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की वारदातों ने नागरिकों की नींद उड़ा दी है। सिलसिलेवार चोरियों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से अब पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालात यह हैं कि सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी पुलिस संदिग्धों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
हाल ही में नगर के मोहल्ला केलरगंज स्थित किसान कार्यालय को चोरों ने निशाना बनाया। आरोप है कि चोर कार्यालय की गली की ओर लगी लोहे की खिड़की को दीवार से उखाड़कर ले गए। कटरा थाना क्षेत्र के गांव सिउरा निवासी प्रदीप कुमार के मुताबिक, घटना तीन सितंबर की देर शाम करीब सात बजे हुई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां भी सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने फुटेज खंगालकर संदिग्धों की तलाश शुरू करने की बात कही, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
इसी दौरान राजनपुर रोड स्थित एक आटा चक्की की दुकान में भी चोरी हो गई। चोर दुकान से करीब 50 हजार रुपये की नकदी और सामान ले गए। इस मामले में भी सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात कही गई, लेकिन पुलिस अभी तक चोरी का खुलासा नहीं कर सकी।
दोबारा चोरी करने पहुंचे तो पकड़े गए युवक:
मंगलवार को मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब ब्लॉक प्रमुख कविता यादव के पति वरुण यादव उर्फ रसूली ने अपने निजी लोगों की मदद से कथित रूप से दोबारा चोरी करने पहुंचे युवकों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और पूछताछ के आधार पर नगर के एक मोहल्ले में स्थित किराना दुकानदार के यहां से लोहे की खिड़की और आटा चक्की का पार्ट बरामद किए जाने की बात सामने आई।
हालांकि, चोरी हुई नकदी का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। ऐसे में पुलिस की जांच और बरामदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
लाखों की भैंस चोरी का भी नहीं मिला सुराग:
उधर, नगरीय मोड़ चौकी क्षेत्र से लाखों रुपये कीमत की तीन दुधारू भैंस चोरी होने का मामला भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इस घटना में भी पुलिस अब तक कोई ठोस सुराग नहीं तलाश सकी है।
लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं से नगरवासियों में आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत होती तो चोरों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। नागरिकों ने पुलिस अधिकारियों से रात्रि गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने और लंबित चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
कुल मिलाकर तिलहर में लगातार हो रही चोरियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। चोर वारदात पर वारदात कर रहे हैं और पुलिस हर बार जांच व संदिग्धों की तलाश का वही पुराना जवाब दोहरा रही है। अब देखना यह है कि पुलिस इन घटनाओं का कब तक खुलासा कर पाती है और नगरवासियों को चोरों के आतंक से कब राहत मिलती है।





