
CRS NEWS: Alpha Film Review- रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर उठी नेगेटिविटी को दरकिनार करते हुए, यशराज स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अल्फा’ आखिरकार बड़े पर्दे पर आ चुकी है। इस बार यूनिवर्स ने एक बड़ा प्रयोग किया है— पूरी जिम्मेदारी दो महिला जासूसों (आलिया भट्ट और शरवरी) के कंधों पर है। थिएटर का अनुभव यह साबित करता है कि यह दांव काफी हद तक सफल रहा है।
स्टारकास्ट का प्रदर्शन: आलिया-शरवरी की शानदार केमिस्ट्री
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कास्टिंग और उनका अभिनय है। आलिया भट्ट ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि वे सिर्फ इमोशनल किरदारों के लिए नहीं बनी हैं; उनके एक्शन सीक्वेंस और स्क्रीन प्रेजेंस में गजब का आत्मविश्वास है। शरवरी ने बेहतरीन सपोर्ट दिया है— उनके डायलॉग्स और एक्शन फिल्म में एक परफेक्ट बैलेंस लाते हैं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री शानदार है।
अनिल कपूर अपने चिर-परिचित प्रभावशाली अंदाज में हैं। बॉबी देओल का काम अच्छा है, लेकिन एक विलेन के तौर पर उनकी कहानी को थोड़ा और दमदार बनाया जा सकता था। इन सबके बीच, ऋतिक रोशन का कैमियो एक फुल पैसा-वसूल मोमेंट है। कम समय के लिए ही सही, लेकिन उनकी एंट्री थिएटर में सीटियां बजवा देती है।
कहानी और स्क्रीनप्ले: फास्ट-पेस लेकिन अनुमानित
कहानी एक गुप्त सैन्य प्रोजेक्ट, विज्ञान और देशभक्ति के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फोकस ‘सीता’ नाम के किरदार पर है, जिसे खास तौर पर इस मिशन के लिए तैयार किया गया है। उसे बाहरी दुश्मनों के अलावा अपने अतीत के सवालों से भी लड़ना है।
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी है, जिसके कई ट्विस्ट दर्शक पहले ही भांप लेते हैं। हालांकि, तेज रफ्तार स्क्रीनप्ले इस कमी को ढकने में कामयाब रहता है और फिल्म को कहीं भी बोरिंग या बोझिल नहीं होने देता।
निर्देशन और विजुअल्स: हॉलीवुड स्तर का एक्शन
निर्देशक शिव रवैल ने फिल्म को पूरी तरह से मिशन पर केंद्रित रखा है। उन्होंने बेवजह के रोमांटिक ट्रैक, कॉमेडी या फालतू गानों से परहेज किया है, जो एक थ्रिलर के लिए बेहतरीन कदम है। सिनेमैटोग्राफी, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और लोकेशन का चुनाव फिल्म को एक इंटरनेशनल लुक देते हैं। बैकग्राउंड स्कोर एक्शन सीन्स की जान है, लेकिन गानों के मामले में फिल्म निराश करती है। एक भी गाना ऐसा नहीं है जिसे आप गुनगुनाते हुए थिएटर से बाहर निकलें।
एक नजर में: क्या है खास और क्या रही कमी?
फिल्म की खूबियां (What’s Good):
आलिया भट्ट और शरवरी का जोरदार एक्शन अवतार।
हॉलीवुड जैसी तकनीकी क्वालिटी और विजुअल्स।
कहीं भी बोर न करने वाला कसा हुआ स्क्रीनप्ले।
शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक।
वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स को एक नई दिशा मिलना।
फिल्म की खामियां (What’s Bad):
स्टोरीलाइन में सस्पेंस की कमी, ट्विस्ट का अंदाजा पहले से लग जाना।
खलनायक (विलेन) का किरदार उम्मीद से कमजोर होना।
इमोशनल कनेक्ट की कमी होना।
यादगार गानों का पूरी तरह से अभाव।
अंतिम फैसला (देखें या नहीं?)
अगर आप यशराज स्पाई यूनिवर्स के फैन हैं और आपको बड़े पैमाने पर फिल्माए गए एक्शन-थ्रिलर पसंद आते हैं, तो ‘अल्फा’ की टिकट जरूर कटवाएं। यह फिल्म भले ही अपनी कहानी से आपको न चौंकाए, लेकिन बेहतरीन एक्शन, शानदार स्टारकास्ट और उच्च स्तरीय विजुअल्स के दम पर आपका फुल एंटरटेनमेंट करती है। वीकेंड के लिए यह एक शानदार पॉपकॉर्न एंटरटेनर है!











