
CRS NEWS AGENCY:-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों—केशम द्वीप, बंदर अब्बास, अबू मूसा और खुर्रामाबाद पर भीषण हवाई हमले किए हैं। वाशिंगटन का दावा है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
ईरान का रुख और खाड़ी देशों को चेतावनी
इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने हालिया युद्धविराम समझौते का कोई उल्लंघन नहीं किया था। ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर आघात बताते हुए ‘आत्मरक्षा के अधिकार’ के तहत जवाबी कार्रवाई करने की घोषणा की है। साथ ही, ईरान ने खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकाने या जमीन का उपयोग करने दिया, तो उन्हें भी निशाना बनाया जाएगा।
क्षेत्रीय असर और वैश्विक चिंता
इस तनाव के बीच उत्तरी कुवैत के सैन्य ठिकानों और ‘कुवैत ऑयल कंपनी’ पर ड्रोन हमलों की पुष्टि हुई है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। इस विस्फोटक स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है।






