
प्रॉपर्टी हड़पने के लिए दो लाख रुपये में सुपारी देने का आरोप, चोरी की बाइक, पिस्टल और कारतूस बरामद
CRS NEWS लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मदरसा संचालक मो. इरफान अहमद की हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मदरसे की संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से संचालक की हत्या की योजना बनाई गई थी। आरोप है कि हत्या के लिए शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
पुलिस की जांच में मदरसे के मैनेजर बिलाल हाशमी का नाम कथित तौर पर साजिश के मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है। पुलिस ने बिलाल हाशमी के अलावा अमन कुरैशी, सोहैल अहमद और मो. फरहान समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले करीब दो दिन पूर्व शाहिद और जमीर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की कथित साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है।
दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मदरसा संचालक मो. इरफान अहमद को रास्ते से हटाने के लिए शूटरों से संपर्क किया था। हत्या के बदले दो लाख रुपये देने की बात तय होने का आरोप है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने साजिश में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
प्रॉपर्टी पर कब्जे को लेकर रची गई साजिश
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की मुख्य वजह मदरसे की संपत्ति बताई जा रही है। आरोप है कि संपत्ति को हड़पने के इरादे से मदरसा संचालक की हत्या की योजना तैयार की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्ति को लेकर आरोपियों के बीच किस तरह का विवाद था और हत्या की साजिश कब से तैयार की जा रही थी।
चोरी की बाइक और पिस्टल बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने चोरी की बाइक, एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस बरामद हथियार और वाहन के संबंध में भी जांच कर रही है। आशंका है कि वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की बाइक का इस्तेमाल किया जाना था।
पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी से खुली कड़ी
पुलिस ने इस मामले में दो दिन पहले शाहिद और जमीर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस कथित साजिश के मुख्य सूत्रधार तक पहुंची। इसके बाद मदरसे के मैनेजर बिलाल हाशमी समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी संपर्क, हथियारों की खरीद-फरोख्त और कथित सुपारी से जुड़े लेनदेन की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नोट: पुलिस के आरोप और जांच में सामने आए तथ्यों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।






