काउंसलिंग से टूटा विवाद, फिर जुड़ा रिश्ता; तीन दंपति साथ रहने को हुए राजी।


25 मामलों की हुई सुनवाई, परिवार परामर्श केंद्र ने आपसी समझौते के बाद तीन दंपतियों को साथ विदा किया।
शाहजहांपुर। परिवार में छोटे-छोटे विवाद कई बार रिश्तों में दरार पैदा कर देते हैं, लेकिन सही समय पर बातचीत और समझाइश से इन्हें दूर किया जा सकता है। सोमवार को पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसलिंग इसका उदाहरण बनी। केंद्र पर 25 पत्रावलियों की सुनवाई की गई, जिसमें तीन दंपतियों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इसके बाद तीनों दंपतियों को साथ रहने के लिए सकुशल विदा किया गया।
सदर बाजार क्षेत्र के एक दंपति की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। पत्नी 12 दिनों से मायके में रह रही थी और उसने पति पर मारपीट का आरोप लगाया था। पति का कहना था कि पत्नी के गाली देने पर उसे गुस्सा आ जाता है। काउंसलिंग के दौरान दोनों ने एक-दूसरे की बात समझी और पति ने पत्नी की बात मानकर साथ रहने की सहमति जताई।
सदर बाजार क्षेत्र के ही दूसरे मामले में छह माह पहले शादी हुई थी। पत्नी दो माह से मायके में रह रही थी। उसने पति के बेरोजगार होने, खर्च न देने और ससुराल पक्ष द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की। पति ने परिवार को समझाने और पत्नी को साथ रखकर अच्छे से जीवन बिताने का भरोसा दिया। समझाइश के बाद दोनों साथ रहने को तैयार हो गए।
कोतवाली क्षेत्र के पांच वर्ष पुराने वैवाहिक विवाद में पत्नी ने पति पर मां के कहने पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया था। काउंसलिंग के दौरान पति ने पत्नी की बात मानने और विवाद से बचने पर सहमति जताई। दोनों के बीच समझौता होने के बाद उन्हें भी साथ विदा कर दिया गया।
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी उपनिरीक्षक मधु यादव ने बताया कि परिवारों को टूटने से बचाने के लिए आपसी बातचीत और समझाइश के माध्यम से विवादों का समाधान कराने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान महिला मुख्य आरक्षी चंद्रकांता शर्मा, महिला आरक्षी पिंकी, निशा मिश्रा, शीतल चौहान, रश्मि चौधरी, मोनिका कुमारी तथा आरक्षी विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।






