सर्राफ को चौकी में बंधक बनाकर 2 लाख की रंगदारी वसूलने वाले चार सिपाहियों की छिनेगी वर्दी!
स्मैक के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप, कॉल रिकॉर्डिंग भी बनेगी अहम साक्ष्य।
कार्रवाई के लिए शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट, दो आरोपी सिपाही गिरफ्तारी से बचने को दिल्ली भागे।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के तिलहर थाने में तैनात चार सिपाहियों पर सर्राफ कारोबारी को कथित तौर पर चौकी में बंधक बनाकर दो लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। स्मैक के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूलने के आरोपों ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। अब चारों सिपाहियों की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मामले की जांच में सर्राफ कारोबारी और उसके पिता के बीच हुई कॉल रिकॉर्डिंग को भी अहम साक्ष्य बनाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बातचीत की रिकॉर्डिंग घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दिल्ली तक पहुंची पुलिस, दबिश से पहले निकल गए आरोपी:
मामले में नामजद मेरठ निवासी सिपाही अरुण चित्तौड़िया और तुषार गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने वहां अपने परिचितों के माध्यम से अधिवक्ताओं से संपर्क कर अग्रिम जमानत की कोशिश शुरू कर दी थी।
पुलिस को दोनों की लोकेशन दिल्ली में मिलने के बाद एसओजी टीम वहां पहुंची, लेकिन कार्रवाई से पहले ही दोनों सिपाही वहां से निकल गए। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
एसपी बोले—जांच के आधार पर होगी कड़ी कार्रवाई:
एसपी सौरभ दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चारों सिपाहियों की सेवा समाप्ति के लिए उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पुलिस विभाग में तैनात कर्मचारियों पर लगे इस गंभीर आरोप ने महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जांच के अंतिम निष्कर्ष और शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।चाहें तो सर, मैं इसका और ज्यादा धारदार संस्करण, जिसमें 5–6 बेहद आक्रामक हेडलाइन और क्रॉसर हों, भी बना सकता हूं।





