
हादसे में बाल-बाल बचा परिवार, मलबे में दबा गृहस्थी का सामान; पीड़ित ने प्रशासन से आवास और आर्थिक सहायता की लगाई गुहार
CRS NEWS रायबरेली। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रायबरेली के गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे आशाराम मजरे कोरिहर गांव में बारिश के चलते एक गरीब परिवार का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद परिवार के सामने रहने और गृहस्थी का सामान बचाने का संकट खड़ा हो गया है। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय परिवार के सदस्य बाहर निकल चुके थे, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी की जान नहीं गई।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी रेनू (30) पत्नी राम बाबू का कच्चा मकान लगातार बारिश के कारण कमजोर हो गया था। बताया जा रहा है कि गुरुवार तड़के करीब चार बजे अचानक मकान भरभराकर गिर पड़ा। मकान गिरने की तेज आवाज से आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित परिवार में राम बाबू और रेनू के अलावा उनके तीन छोटे बच्चे हैं। सात वर्षीय राज कक्षा दो में पढ़ता है, जबकि पांच वर्षीय साजन आंगनबाड़ी केंद्र जाता है। परिवार की तीन वर्षीय बेटी रिया भी अभी छोटी है। मकान गिरने के बाद इन बच्चों के सिर से छत छिन गई है।
मलबे में दब गया गृहस्थी का सामान
मकान के अचानक गिरने से उसके अंदर रखा घरेलू सामान मलबे में दब गया। गरीब परिवार के सामने अब रहने के लिए सुरक्षित स्थान की समस्या खड़ी हो गई है। बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे अपने स्तर से नया मकान बनवा सकें।
प्रशासन से मदद की उम्मीद
मकान गिरने के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग की है। परिवार ने आवास उपलब्ध कराने के साथ आर्थिक मदद दिए जाने की गुहार लगाई है, ताकि बच्चों समेत परिवार को सुरक्षित छत मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बारिश के इस दौर में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे जर्जर और कच्चे मकानों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थान और सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाना चाहिए।







