आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा को बनेगा मजबूत तंत्र: सुरेश खन्ना।


शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों को समय से वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी सहित अन्य सेवा संबंधी लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। बुधवार को गांधी भवन सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में आयोजित आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया।
मंत्री ने बताया कि निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसियों को तीन वर्ष के लिए इम्पैनल किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकेगा। कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन दिलाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मातृत्व अवकाश, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में प्रावधानों के अनुसार 20, 40 और 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर तथा अग्निकांड में 10 लाख रुपये तक की सहायता की व्यवस्था की गई है। आउटसोर्स सेवाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन, महिलाओं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
महापौर अर्चना वर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को अपने अधिकारों अथवा सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि पोर्टल के जरिए कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण, सेवा संबंधी लाभ और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के विनियमन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं सुरक्षा किट देकर सम्मानित किया। वहीं श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृत प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कन्या सहायता योजना के तहत अनवर अली को 65 हजार रुपये तथा शिशु हितलाभ योजना के तहत जागीर खान और मो. यूनूस को 31-31 हजार रुपये की स्वीकृत राशि के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर महापौर अर्चना वर्मा, उपाध्यक्ष वेद प्रकाश मौर्य, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपीएस राठौर, पूर्व सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, सहायक श्रम आयुक्त केके गुप्ता सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।







