
ईरान के संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अंबिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नए रूट नियमों का उल्लंघन करने पर “तेज और कड़े जवाब” की धमकी दी है।
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में हुई अमेरिका-ईरान अप्रत्यक्ष वार्ता में सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई।
सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने अमेरिकी दबाव को खारिज करते हुए लेबनान में सैन्य हस्तक्षेप से साफ इनकार किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिरोध और ईरान की धमकी
तेहरान/बहरीन: मध्य-पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के संयुक्त सैन्य मुख्यालय खातम अल-अंबिया (Khatam al-Anbiya) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। ईरान ने कहा है कि सभी जहाजों को केवल उसके द्वारा स्वीकृत समुद्री मार्गों का ही उपयोग करना होगा। नियमों का पालन न करने पर जहाजों को “निर्णायक, त्वरित और बलपूर्वक कार्रवाई” का सामना करना पड़ेगा।
ईरानी कमान ने स्पष्ट किया है कि इस रणनीतिक जलमार्ग में किसी भी प्रकार का अमेरिकी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की बहरीन में मध्य-पूर्वी देशों के साथ हुई उस बैठक के बाद आया है, जिसमें नेताओं ने होर्मुज जलमार्ग में व्यापार के मुक्त प्रवाह (Free flow of commerce) की प्रतिबद्धता जताई थी।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के आपातकालीन सत्र में अमेरिकी दूत ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिका ने जलडमरूमध्य को बंद करने या बाधित करने के प्रयासों को पूरी तरह से “अस्वीकार्य” (Unacceptable) करार दिया है। गौरतलब है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह संकरा मुहाना बेहद संवेदनशील है और ईरान युद्ध के स्थायी खात्मे के लिए चल रही वार्ताओं का मुख्य केंद्र बिंदु बना हुआ है।
दोहा वार्ता: अमेरिका और ईरान के बीच ‘संचार चैनल’ पर सहमति
इस सैन्य तनाव के बीच, कतर की राजधानी दोहा से कूटनीतिक मोर्चे पर राहत भरी खबरें भी आ रही हैं। पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष तकनीकी वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी है।
मध्यस्थ देशों के अनुसार, 17 जून को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर दोनों पक्षों के बीच “सकारात्मक प्रगति” (Positive Progress) हुई है। तेहरान ने घोषणा की है कि भविष्य में अंतरिम समझौते के किसी भी उल्लंघन या शिकायत पर चर्चा करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक समर्पित संचार चैनल (Communication Channel) स्थापित किया जाएगा।
इस्राइल के खिलाफ ईरान का संयुक्त राष्ट्र में कड़ा रुख
क्षेत्रीय तनाव के बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में इस्राइल के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को इस्राइल द्वारा दी गई हालिया जान से मारने की धमकी का पुरजोर विरोध किया है। ईरानी राजनयिकों ने इसे खुले तौर पर “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” (State Terrorism) की संज्ञा दी है।
सीरिया-लेबनान संबंध: अमेरिकी दबाव को सीरिया ने नकारा
कूटनीति के एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी (Asaad al-Shaibani) ने लेबनान की राजधानी बेरूत का दौरा किया। उन्होंने लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन और संसद अध्यक्ष व हिजबुल्लाह के सहयोगी नबीह बेरी से मुलाकात की।
सीरियाई विदेश मंत्री ने लेबनानी नेतृत्व को आश्वस्त किया है कि अमेरिकी दबाव के बावजूद, दमिश्क (Damascus) का लेबनान में सैन्य हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है।
यह आश्वासन इसलिए मायने रखता है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल की युद्ध रणनीति की आलोचना करते हुए कहा था कि सीरिया खुद आगे बढ़कर “हिजबुल्लाह की समस्या से निपट सकता है।” हालांकि, सीरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (Ahmed al-Sharaa)—जिन्होंने दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के तख्तापलट के बाद सत्ता संभाली थी—पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे किसी भी पुराने क्षेत्रीय विवाद या घाव को दोबारा नहीं कुरेदना चाहते हैं।










