
CRS NEWS रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब साढ़े 13 घंटे चली कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी कार्यालय में 30 से अधिक वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़ी जांच और पूर्व में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
वरिष्ठ अधिवक्ता सतनाम सिंह मट्टू समेत अन्य अधिवक्ताओं ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की कि जांच और कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी संस्थान के खिलाफ जांच अपनी जगह है, लेकिन इसका खामियाजा विद्यार्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।
मट्टू ने बताया कि इससे पहले विश्वविद्यालय से जुड़े 38 भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी, जिस पर कमिश्नर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसके बाद बुधवार को ईडी की टीम ने विश्वविद्यालय पहुंचकर वित्तीय और अन्य दस्तावेजों की जांच की। ईडी की कार्रवाई करीब साढ़े 13 घंटे तक चली।
बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि लगातार होने वाली कार्रवाई से विश्वविद्यालय की छवि पर असर पड़ सकता है और इसका सीधा प्रभाव वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसी भी जांच को कानून के अनुसार आगे बढ़ाया जाए, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।
अधिवक्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में संस्थान से संबंधित किसी भी विवाद या कार्रवाई के बीच उनके भविष्य को सुरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की जाए, लेकिन विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां पूरे मामले में कानूनसम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए छात्रों के हितों का ध्यान रखेंगी।







