
CRS NEWS रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोमवार को प्रस्तावित रायबरेली दौरे से पहले शहर में राजनीतिक पोस्टरबाजी को लेकर माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं की ओर से नगर पालिका के कूड़ेदानों, दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सरकार विरोधी पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई है। पोस्टरों में युवाओं की बेरोजगारी और जिले में उद्योगों की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा गया है।
पोस्टरों पर ‘युवाओं को बेरोजगारी से मुक्ति दिलाओ’ और ‘उद्योगों से वंचित रखने वाले मुख्यमंत्री वापस जाओ’ जैसे नारे लिखे गए हैं। इन पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इन पोस्टरों को किसने लगाया और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा।
879 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने रायबरेली दौरे के दौरान जिले को 879 करोड़ रुपये की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अमर स्वतंत्रता सेनानी राणा बेनी माधव बख्श सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त कराया है। प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने और कार्यक्रम स्थलों के आसपास व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम किया गया है।
इसी बीच सार्वजनिक स्थानों पर सरकार विरोधी पोस्टर सामने आने से प्रशासनिक तैयारियों के बीच राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। हालांकि, अभी तक पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ किसी बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और नगर पालिका स्तर से पोस्टरों को हटाने की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आ रही है।
विकास के बीच बेरोजगारी का मुद्दा
सपा छात्र सभा की ओर से लगाए गए पोस्टरों को विपक्षी छात्र संगठन की विरोध की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन ने पोस्टर के माध्यम से युवाओं के रोजगार और रायबरेली में औद्योगिक विकास का मुद्दा उठाने की कोशिश की है।
वहीं, मुख्यमंत्री के दौरे में सरकार की ओर से विकास परियोजनाओं को प्रमुखता दी जा रही है। ऐसे में सीएम के आगमन से पहले सामने आई पोस्टरबाजी ने रायबरेली में विकास बनाम रोजगार और उद्योग के मुद्दे पर सियासी बहस को और तेज कर दिया है।







