
CRS NEWS लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लोगों से इस त्योहार को केवल भाई की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधने तक सीमित न रखते हुए बहन-बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान के संकल्प के रूप में मनाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन स्नेह, विश्वास और संकल्प का ऐसा पर्व है, जो परिवारों को जोड़ने के साथ-साथ समाज में आत्मीयता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रक्षा-सूत्र केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे की सुरक्षा, सम्मान और विश्वास के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस पवित्र अवसर पर प्रत्येक बहन और बेटी के सम्मान एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लें।
बहन-बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक संवेदनशील सरकार के संकल्प में भी ‘रक्षा’ का यही भाव दिखाई देता है। प्रदेश सरकार ने विगत साढ़े नौ वर्षों में बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता केवल सरकारी योजनाओं या कानून-व्यवस्था तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन इस जिम्मेदारी को याद करने और उसे अपने व्यवहार में उतारने का अवसर प्रदान करता है।
पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को राखी बांधने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से यह भी अपील की कि रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिसकर्मियों, सुरक्षाबलों और आपदा राहत कर्मियों को रक्षा-सूत्र बांधकर उनके प्रति अपनत्व और कृतज्ञता व्यक्त करें। उन्होंने कहा कि ये जवान और कर्मी त्योहारों के दौरान भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज की सुरक्षा और सहायता में जुटे रहते हैं।
मुख्यमंत्री की अपील है कि रक्षाबंधन के अवसर पर समाज के विभिन्न वर्ग इन कर्मियों के साथ आत्मीयता का भाव प्रदर्शित करें और उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करें।
स्थानीय उत्पादों को दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने लोगों से रक्षाबंधन पर स्थानीय स्तर पर निर्मित राखियों और उपहारों को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद से स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के पर्व को भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के साथ-साथ नारी सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी, सुरक्षा और स्वावलंबन के संकल्प का पर्व बनाएं।







