
CRS NEWS : iran supreme leader अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर आ रही है। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस दावे के सामने आते ही पूरे ईरान में शोक और दहशत का माहौल है। ईरानी प्रशासन की ओर से 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा किए जाने की खबर है। राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
खामेनेई की मौत के दावे के बाद उनका आखिरी भाषण एक बार फिर सुर्खियों में है। अपनी कथित अंतिम स्पीच में उन्होंने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि ईरान ने अपने इस्लामी और शिया सिद्धांतों से समझौता करना कभी नहीं सीखा है और ईरानी लोग जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। उन्होंने इमाम हुसैन का हवाला देते हुए कहा था कि “मेरे जैसा कोई भी यजीद जैसे शासकों के आगे कभी नहीं झुकता।”
अपने अंतिम भाषण में खामेनेई ने अमेरिका और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि ईरान जैसा देश, जिसकी संस्कृति, इतिहास और ऊंची शिक्षाएं हैं, कभी भी उन भ्रष्ट नेताओं के सामने नहीं झुकेगा जो आज यूनाइटेड स्टेट्स में सत्ता में बैठे हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका इशारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान की ओर था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान के कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे। इन हमलों के बाद ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं और आम लोगों में डर का माहौल है।
खामेनेई की मौत के दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मचा दी है। कई देशों ने हालात पर गहरी चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है, तो मध्य-पूर्व में अस्थिरता और बढ़ेगी और इसका असर वैश्विक राजनीति, सुरक्षा हालात और तेल बाजारों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल खामेनेई की मौत और युद्ध से जुड़ी स्थिति पर आधिकारिक और अंतिम पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और पूरी दुनिया की नजरें ईरान-अमेरिका-इजरायल टकराव पर टिकी हुई हैं।










