केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 57वें स्थापना दिवस पर रेडक्रास ने संगोष्ठी का आयोजन किया।
शाहजहांपुर। कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रांगण में स्थित इण्डियन रेडक्रास सोसाइटी के कार्यालय में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें इण्डियन रेडक्रास सोसायटी के सचिव डा० विजय जौहरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 मार्च 1969 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 33 के 50वें अधिनियम के तहत केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना हुई थी। जो कि रेडक्रास व एक दूसरे के पूरक हैं तथा अपने–अपने क्षेत्रों में राष्ट्र की सुरक्षा में मिलकर मानवीय कार्यों का विशेष रूप से स्वैच्छिक रक्तदान एवं आपातकालीन सहायता के लिए कार्य करते हैं। सेवा और सुरक्षा के तहत जीवनरक्षक कौशल’ प्राथमिक चिकित्सा’ आपदा प्रबन्धन पर प्रशिक्षण आयोजित करते हैं। जिससे जरूरतमंदों को समय–समय पर मदद मिल सके।
इस अवसर पर डा० विजय जौहरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कि विश्व स्तर पर रेड क्रॉस सोसायटी एकमात्र ऐसा संगठन है जिसे मानवीय सेवाओं के लिए विश्व का प्रथम और सर्वाधिक चार बार नोबल पुरूस्कार दिया जा चुका है जो कि रेडक्रास के कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का विषय है। रेडक्रास की सोच मानवता, तटस्थता और शांति पर केंद्रित है, जिसका लक्ष्य जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना है, जैसा कि उनके आदर्श वाक्य “मानवता के साथ, शांति की ओर” से झलकता है, और वे संघर्षों और संकटों में कमजोर लोगों के लिए सार्वभौमिक मानवाधिकारों को बनाए रखने और बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं. उनका जोर मानवीय गरिमा की रक्षा, निष्पक्षता और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो। अन्त में डा० विजय जौहरी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्र ही प्राथमिक उपचार व आपदा प्रबन्धन की कार्यशाला आयोजित कर जन–जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गोष्ठी में सत्यभान सिंह भदौरिया, डा० विजय जौहरी, बाल कृष्ण पाण्डेय, ब्रजेश गुप्ता, रवि कुमार, मीनू मिश्रा, अनुज जौहरी, अग्रज जौहरी,अवनीश सक्सेना इत्यादि रेडक्रास के कार्यकर्ता उपस्थित थे।








