वृद्धावस्था पेंशन योजना के माध्यम से जनपद में सामाजिक सुरक्षा को मिला सशक्त आधार।
शाहजहांपुर। जनपद में शासन की विभिन्न पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाओं के जरिए लाखों लाभार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके जीवन में उल्लेखनीय सुधार लाया गया है। वर्ष 2012 से वर्ष 2025 तक के आंकड़ों का अवलोकन करने पर यह स्पष्ट होता है कि इन योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है तथा सरकार द्वारा वितरित की गई धनराशि में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 
बताया गया, वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2012 से मार्च 2017 तक 80432 बुजुर्गों को 12999-47 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की गई। इसके बाद अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 तक लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 110933 हो गई जिनके लिए 73001-52 लाख रुपए की धनराशि वितरित की गई। इस योजना के माध्यम से बुजुर्गों को उनके जीवनयापन हेतु नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
वृद्धावस्था पेंशन योजना का सीधा संबंध सामाजिक सुरक्षा से है।लेकिन अन्य योजनाओं के साथ इनके समन्वय से समग्र विकास को बढ़ावा मिला है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित की जा रही है जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो जाती है। इसके साथ ही समय-समय पर लाभार्थियों का सत्यापन भी किया जाता है।जिससे पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ मिल सके। वृद्धावस्था पेंशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों में आर्थिक स्थिरता आई है। बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता प्राप्त हो रही है। वे अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं।
सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और योजनाओं के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। भविष्य में भी पेंशन योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। जनपद शाहजहांपुर में वृद्धावस्था पेंशन योजना के सफल क्रियान्वयन से शासन एवं प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप सामाजिक सुरक्षा का दायरा निरंतर विस्तारित हो रहा है। इससे न केवल जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि समाज में समानता एवं समावेशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। वृद्धावस्था पेंशन योजना समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी हैं। योजना के माध्यम से सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से जनपद में सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
जनपद शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए एक वरदान साबित हुई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विधवाओं, तलाकशुदा और दिव्यांगों की बेटियों की शादी को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। आर्थिक सहायता में वृद्धिरू योजना के तहत अब प्रति जोड़ा 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है (1 अप्रैल 2025 से प्रभावी)। 60,000 रुपयेरू वधू (दुल्हन) के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं। 25,000 रुपयेरू विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री (कपड़े, बर्तन, गहने आदि) खरीदने के लिए 15,000 रुपयेरू कार्यक्रम के आयोजन (टेंट, भोजन आदि) पर खर्च किए जाते हैं। विविधतारू इस योजना में सभी धर्मों और समुदायों के रीति-रिवाजों के अनुसार शादियां कराई जाती हैं, जो सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है।
जनपद शाहजहांपुर में वित्तीय वर्ष 2017 से 2025 तक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 10933 कन्याओं का विवाह इस योजना के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न कराया है।जिसके सापेक्ष धनराशि रुपया 5870.77 लाख व्यय की गई है
बेटियों का गरीबी से मुक्ति और सम्मानरू इस योजना ने गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए कर्ज लेने की मजबूरी से बचाया है और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहाररू सामूहिक विवाह के माध्यम से दहेज प्रथा और शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने में मदद मिली है। पारदर्शिता और सुरक्षा विवाह में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक फेस ऑथेंटिकेशन और डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (क्ठज्) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे फर्जीवाड़े को रोका जा सके। यह योजना श्बेटी का सपना, सरकार का संकल्पश् को साकार करते हुए, गरीब परिवारों को एक नई उम्मीद और आत्मविश्वा प्रदान कर रही है।










