
CRS NEWS लखनऊ। मछली खाने को लेकर जारी विवाद के बीच निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मछली खाना पाप नहीं है और निषाद समाज के लिए मछली परंपरागत भोजन का हिस्सा रही है।
संजय निषाद ने कहा, “हम सनातनी हैं, मछली खाना पाप नहीं है। मैं तो सावन में भी मछली खाता हूं।” उन्होंने कहा कि निषाद समाज का जीवन सदियों से नदी, तालाब और जल संसाधनों से जुड़ा रहा है। मछली पकड़ना और उसका सेवन समाज की पारंपरिक जीवनशैली का हिस्सा है।
अजय राय के बयान पर उठाया सवाल
संजय निषाद ने कांग्रेस नेता अजय राय पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि मछली खाना गलत है तो अजय राय मछली खाकर मंदिर क्यों गए। उन्होंने कहा कि खान-पान को लेकर किसी की परंपरा पर सवाल उठाने से पहले उसके सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निषाद समाज की पहचान उसके पारंपरिक व्यवसाय और जीवनशैली से भी जुड़ी हुई है। “जहां निषाद रहेगा, वहां मछली खाएगा,” संजय निषाद ने कहा।
संजय निषाद के इस बयान के बाद मछली खाने और धार्मिक आस्था से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। उनका बयान खास तौर पर निषाद समाज के पारंपरिक खान-पान के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।







