
ड्रोन से हुई निगरानी, 50-60 पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा; कई संदिग्ध हिरासत में
CRS NEWS कानपुर। आरटीओ कार्यालय में दलाली और भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम सदर अभिनव सिंह और एसओजी प्रभारी सुमित रामटेक के नेतृत्व में एसओजी तथा प्रशासन की टीम ने आरटीओ परिसर में अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने पूरे परिसर को घेर लिया।
छापेमारी से पहले पुलिस टीम ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से आरटीओ परिसर की निगरानी की। इसके बाद पुलिस ने आरटीओ कार्यालय के दोनों गेट बंद करा दिए और परिसर में लोगों की आवाजाही रोक दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से आरटीओ परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों, आवेदकों और अन्य लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।
दोनों गेट बंद कर शुरू की गई जांच
संयुक्त टीम के आरटीओ परिसर में पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने दोनों प्रवेश द्वारों को अपने कब्जे में ले लिया। किसी भी व्यक्ति को बिना जांच के परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। टीम ने परिसर में मौजूद लोगों की गतिविधियों और दस्तावेजों की जांच शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी का मुख्य उद्देश्य आरटीओ कार्यालय में सक्रिय कथित दलालों और भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों की पहचान करना था। पुलिस ने परिसर में मौजूद कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू की है।
दलालों की गतिविधियों पर नजर
आरटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, फिटनेस, परमिट और अन्य कामों के नाम पर दलाली किए जाने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। इसी तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और पुलिस ने यह संयुक्त कार्रवाई की।
अधिकारियों की टीम ने परिसर में मौजूद संदिग्ध लोगों की पहचान करने के साथ ही उनकी गतिविधियों और दस्तावेजों की पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी इतनी व्यापक थी कि पूरे आरटीओ परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ
छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे आरटीओ परिसर में किस उद्देश्य से मौजूद थे और कथित दलाली या भ्रष्टाचार की गतिविधियों से उनका कोई संबंध है या नहीं।
प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आरटीओ परिसर में हड़कंप की स्थिति बनी रही। अधिकारियों ने जांच के संबंध में तत्काल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। छापेमारी के बाद जांच में सामने आने वाले तथ्यों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







