
रिपोर्ट सीआरएस रायबरेली, 6 जून 2023 तेज प्रताप के जन्म के तीन दिन पहले ही उनके पिता दिलीप मौर्या की कैंसर से मृत्यु हो गई। मजदूर कर परिवार का भरण-प्रवेश करने वाले दिलीप मौर्या की पत्नी आभा मौर्या के सामने अचानक ही दो मिलते आ गए, एक तो बच्चे का सुरक्षित जन्मस्थान और दूसरा जीवन यापन। दिलीप की मौत के तीसरे दिन 16 अप्रैल साल 2021 में आभा ने अपना दूसरा सन्नाटा तेज प्रताप को निजी अस्पताल में जन्म दिया लेकिन क्या पता चला कि जिंदगी की एक और चुनौती उनके सामने खड़ी है। उनका नवजात बेटा क्लब फुट (टेढ़े-मेढ़े पैर) शिकार करता है।
जन्म के समय ही बच्चे का एक पैर का तना होता था। इसकी जानकारी होते ही आभा की आंखों के सामने अंधेरा छा गया, उसे पता नहीं था कि इसका इलाज हो भी सकता है या नहीं और जोखिम का अधिकार कैसे होगा। कुछ महीने बाद ही आभा ने अपने बेटे के तेज प्रताप को लेकर ऊंचाहार सीच कर दिया, जहां तस्वीरें बताती हैं कि मेरे बेटे का पैर पूरी तरह से ठीक हो जाएगा, इसके लिए ऑपरेशन करना होगा। और इस पर कोई पैसा भी खर्च नहीं होगा। इसके लिए सरकार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का संचालन करती है। बस फिर क्या था आभा को तो जैसे वरदान मिल गया। टास्क ने उसे जिला अस्पताल में संचालित अनुष्का फाउंडेशन और एजेंसी फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित क्लब फुट मेकिंग के पास भेजा। क्लब फुट मेडिकल के दिलीप धरादुबे ने आभा की पूरी बात सुनी और उन्हें काम दिया कि बच्चे का ऑपरेशन होगा ही साथ ही यदि इलाज के लिए आने-जाने में कोई आर्थिक समस्या हो तो संस्था द्वारा उसका भी समाधान किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. एमपी सिंह के बच्चे को अक्टूबर 2021 में दिखाया गया है और शुरुआती जांच के बाद अक्टूबर महीने में ही डॉ. एमपी सिंह ने छह महीने की उम्र के प्रताप का जिला चिकित्सालय में ही सफल ऑपरेशन कर उनके टेरेस को सीधा कर दिया। आज करीब दो साल बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है और उसके पैर चल रहे हैं। एमपी सिंह ने छह महीने की उम्र के प्रताप का जिला चिकित्सालय में ही सफल ऑपरेशन कर उनके टेरेस को सीधा कर दिया। आज करीब दो साल बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है और उसके पैर चल रहे हैं। एमपी सिंह ने छह महीने की उम्र के प्रताप का जिला चिकित्सालय में ही सफल ऑपरेशन कर उनके टेरेस को सीधा कर दिया। आज करीब दो साल बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है और उसके पैर चल रहे हैं। एमपी सिंह ने छह महीने की उम्र के प्रताप का जिला चिकित्सालय में ही सफल ऑपरेशन कर उनके टेरेस को सीधा कर दिया। आज करीब दो साल बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है और उसके पैर चल रहे हैं। एमपी सिंह ने छह महीने की उम्र के प्रताप का जिला चिकित्सालय में ही सफल ऑपरेशन कर उनके टेरेस को सीधा कर दिया। आज करीब दो साल बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो गया है और उसके पैर चल रहे हैं।
इनसेट —
47 बीमारियों का होता है उपचार —
आरबीएसके के डीईआईसी प्रबंधक नीतेश जायसवाल कथन हैं कि जीवन का डिजिटलीकरण किसी भी बच्चे के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से 19 साल तक की उम्र के बच्चों की सहज बीमारियों की पहचान कर उनका इलाज किया जाता है। इस योजना के तहत पहल हेल्थ स्क्रीनिंग और अर्ली इंटरवेंशन नौ में स्क्रीनिंग की जाती है। कौन से कटे लिप तालू, तंत्रिका ट्यूब दोष, डाउन सिंड्रोम, विटमिन ए-डी की कमी, कुपोषण, सहज म्यूकोसर सहित कुल 32 बीमारियों का उपचार किया जाता है।
इनसेट —
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि इस बीमारी का कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कुल 800 बच्चों में एक बच्चे में यह समस्या होती है।
इनसेट —
क्या कहते हैं लाभार्थी —
तेज प्रताप की मां आभा मौर्या का कहना है कि मेरा बेटा ही मेरे जीवन का सहयोग है। सरकार की योजना और अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से मेरे बेटे का सफल ऑपरेशन हो सकता है। मेरे पास तो इतने पैसे भी नहीं थे कि मैं अपने बच्चे का इलाज कर पाता हूं। यदि मेरा बेटा ठीक नहीं है तो उसके और मेरे जीवन में अंधेरा ही रहता है। मैं सरकार की इस योजना से बेहद खुश और लाभांवित हूं।










