पाइपलाइन बिछाने के बाद टूटी सड़कों की होगी मरम्मत, 10 नवंबर तक चलेगा अभियान।

7198 किलोमीटर में से 7133 किलोमीटर सड़कों का हुआ पुनर्स्थापन, शेष की मरम्मत के लिए 24 टीमें तैनात।
शाहजहांपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अक्टूबर से शुरू हुआ यह प्रदेशव्यापी अभियान 10 नवंबर तक चलेगा। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो इसकी सूचना विभाग को दें, ताकि जल्द कार्रवाई कर सड़क दुरुस्त कराई जा सके।
जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता सनी सिंह ने बताया कि जनपद में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए कुल 7198 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी। इसमें से अब तक 7133 किलोमीटर सड़क का पुनर्स्थापन कराया जा चुका है। शेष सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित फर्म मेसर्स एनसीसी लिमिटेड, शाहजहांपुर की ओर से 24 टीमें और 133 कर्मचारियों को लगाया गया है। विभागीय अधिकारियों को अभियान के तहत शेष सड़कों की मरम्मत जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
टोल फ्री नंबर और ऐप पर दर्ज कराएं शिकायत:
यदि किसी गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क क्षतिग्रस्त है और उसकी मरम्मत नहीं हुई है, तो ग्रामीण जल निगम (ग्रामीण) के टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जलसारथी ऐप और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के जरिए आवश्यक कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
जलसारथी ऐप पर फोटो और वीडियो अपलोड करने की सुविधा:
सड़क पुनर्स्थापना अभियान के तहत जनसामान्य की सुविधा के लिए जलसारथी ऐप पर विशेष व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इससे संबंधित अधिकारियों तक समस्या पहुंचाने और उसके निस्तारण में मदद मिलेगी।
अधिशासी अभियंता सनी सिंह ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त कराना विभाग की प्राथमिकता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके गांव में अब तक किसी सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो इसकी सूचना विभाग को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।






