
अल्फ़ा कॉन्वेंट स्कूल में बच्चों ने दी तिरंगे को सलामी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड, भाषण, वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक ने बांधा समां
अल्फ़ा कॉन्वेंट स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के विशेष अवसर पर भव्य एवं देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार परेड, भाषण, वाद-विवाद, सांस्कृतिक गीत-संगीत एवं नाटक प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और पूरे विद्यालय परिसर में देशभक्ति का वातावरण बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य शुऐब अहमद खान द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात विद्यार्थियों ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ देश के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना व्यक्त की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य शुऐब अहमद खान ने कहा कि सिर्फ यह कहना पर्याप्त नहीं है कि हम अपने देश से प्रेम करते हैं, बल्कि हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम ऐसे इंसान बनेंगे, जिनसे हमारा देश बेहतर और मजबूत बने।
उन्होंने कहा, “जब आप मन लगाकर पढ़ाई करते हैं, तब भी आप देश की सेवा करते हैं। जब आप किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, तो आप देश को मजबूत बनाते हैं। जब आप प्रकृति की रक्षा करते हैं, तब भी आप देश को सशक्त बनाते हैं। जब आप शांति का चुनाव करते हैं, तो इससे भी देश मजबूत होता है। और जब आप एक अच्छे इंसान बनते हैं, तभी आप एक सच्चे देशभक्त बनते हैं।”
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि देश का भविष्य केवल किताबों और भाषणों में नहीं, बल्कि देश के बच्चों के चरित्र में बसता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि स्वतंत्रता के मूल्यों को अपने जीवन में प्रतिदिन अपनाएं।
उन्होंने कहा, “हमारा ज्ञान हमारी शक्ति बने, हमारा चरित्र हमारी पहचान बने, हमारी दयालुता हमारी भाषा बने और हमारा तिरंगा हमारा गौरव बने।”
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ परेड में भाग लिया। भाषण, वाद-विवाद, देशभक्ति गीत-संगीत और नाटक की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन देश के प्रति सम्मान, एकता और जिम्मेदारी की भावना के साथ हुआ।







