
350 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा, जापानी सिटी के काम में तेजी लाने के निर्देश
CRS NEWS लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश, रोजगार, कौशल विकास एवं पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निरंतर संवाद और बेहतर समन्वय के माध्यम से निवेश की संभावनाओं को बढ़ाया जाए। जापानी कंपनियों के लिए प्रदेश में अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही स्थानीय युवाओं को उनके उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए, ताकि निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।
जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी
बैठक में मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित 500 एकड़ भूमि में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को निर्धारित गति से आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने जापानी निवेशकों के लिए जरूरी सुविधाओं, औद्योगिक वातावरण और प्रशासनिक सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
जापान के वैश्विक आयोजनों में भेजा जाएगा प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में होने वाले विभिन्न वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य जापान के निवेशकों और उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद को बढ़ाना तथा उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश संभावनाओं से उन्हें अवगत कराना है।
युवाओं को जापानी भाषा और कौशल का प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने जापानी भाषा के प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार के अवसरों के लिए आवश्यक भाषा और तकनीकी कौशल उपलब्ध कराया जाए। विशेष रूप से यामानाशी प्रांत सहित जापान के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जाए।
बौद्ध पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
बैठक में पर्यटन क्षेत्र पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जापानी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा समग्र बौद्ध पर्यटन रूट तैयार किया जाए, जिसके माध्यम से पर्यटक सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु समेत अधिक से अधिक महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों का भ्रमण कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बौद्ध सर्किट में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुविधा के लिए परिवहन, ठहरने, मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
सारनाथ और जापान के नारा को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ने आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों और उद्योग जगत को जापानी विशेषज्ञों के अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने यूनेस्को की विश्व धरोहर से जुड़े सारनाथ और जापान के नारा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। इससे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान देने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
यामानाशी के साथ पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दोनों क्षेत्रों के टूर ऑपरेटरों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में आपसी संपर्क मजबूत होने से दोनों क्षेत्रों के पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने निवेश, रोजगार, कौशल विकास और पर्यटन को उत्तर प्रदेश-जापान संबंधों का प्रमुख आधार बनाने पर जोर देते हुए संबंधित विभागों को तय योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने के निर्देश दिए।







