
CRS NEWS AGENCY:- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 19 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग और युवा एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश दिखाई दिया। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद प्रशासन को उम्मीद थी कि प्रदर्शनकारियों की संख्या कम हो जाएगी, लेकिन इसके उलट युवाओं का गुस्सा और बढ़ गया।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी और भविष्य से जुड़े गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि देश का युवा लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है, लेकिन सरकार की ओर से इन मुद्दों पर पर्याप्त जवाब नहीं मिल रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी का भी ऐलान किया है। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। बिहार, हैदराबाद, मेरठ और देश के अन्य हिस्सों से पहुंचे युवाओं ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों से बाहर निकलकर आंदोलन का हिस्सा बनें, क्योंकि यह लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या क्षेत्र की नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर भी उचित व्यवहार नहीं करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रदर्शन स्थल पर बैठने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।
जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ और युवाओं के नारों से साफ संकेत मिल रहा है कि सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू हुआ यह विरोध व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की नजरें 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च पर टिकी हैं।






