गांधी जयंती पर मदरसा नूरुल हुदा में विचार एवं काव्य गोष्ठी, महात्मा गांधी और शास्त्री को किया याद।




शाहजहांपुर। गांधी जयंती के अवसर पर मदरसा नूरुल हुदा, बिजलीपुरा में विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सद्भाव और सामाजिक एकता के विचारों पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
कार्यक्रम में समाजसेवी राजू बग्गा ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज में आपसी भाईचारा, शांति और सद्भाव कायम करने के लिए प्रासंगिक हैं।
मदरसा नूरुल हुदा के प्रधानाचार्य इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां ने कहा कि महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों से नई पीढ़ी को परिचित कराना शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में देशप्रेम, सामाजिक सद्भाव और नैतिक मूल्यों की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
इसके बाद काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवि अजय अवस्थी अनुरागी ने देशभक्ति की रचना प्रस्तुत करते हुए कहा— “भारत की इस मिट्टी का कौन कर्ज निपटाएगा, चंदन है इस देश की माटी, बच्चा-बच्चा गाएगा।”
युवा शायर फरमान चिश्ती ने अपनी रचना के माध्यम से महापुरुषों की स्मृतियों को याद किया। वहीं उस्ताद शायर असगर यासिर ने गांधी जी के योगदान को अपनी शायरी में पिरोते हुए कहा कि बापू के प्रयासों से देश को नई पहचान और आजादी मिली। शायर हमीद खिजर ने भी अपनी रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर किया।
कार्यक्रम के अंत में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रधानाचार्य इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मदरसे का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।






