आपदा प्रबंधन में रेड क्रॉस निभाएगा सक्रिय सहयोगी की भूमिका। प्रदेश स्तरीय बैठक में बाढ़ से निपटने की तैयारियों और विभागीय समन्वय पर हुआ मंथन।

शाहजहांपुर, 3 सितंबर। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी के दिशा-निर्देशन में प्रदेश के 34 जनपदों के 154 विकासखंडों में आपदा प्रबंधन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ आपदा प्रबंधन, पूर्व तैयारियों तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि आगामी 10-11 सितंबर तथा 18 सितंबर को मॉक एक्सरसाइज प्रस्तावित है। इस दौरान आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में आधुनिक उपकरणों के उपयोग और विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखा जाएगा। शाहजहांपुर में यह बैठक अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं नोडल अधिकारी आपदा प्रबंधन अरविंद कुमार के कार्यालय में आयोजित हुई।
जिला प्रशासन के निर्देश पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. विजय जोहरी ने बैठक में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को मास्क वितरित किए। उन्होंने आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही मानवीय सहयोग देने का आश्वासन दिया।
डॉ. विजय जोहरी ने बताया कि 31 अगस्त को राजभवन में राज्यपाल की अध्यक्षता में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी उत्तर प्रदेश शाखा की बैठक आयोजित हुई थी। उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सभापति इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ब्रजेश पाठक के दिशा-निर्देशन में हुई बैठक में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में रेड क्रॉस की सहयोगी भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर से डॉ. विजय जोहरी, डॉ. रवि मोहन एवं जिला प्रबंधन समिति के सदस्य अनुज जोहरी ने भी उक्त बैठक में प्रतिभाग कर आपदा प्रबंधन में रेड क्रॉस की सक्रिय भूमिका का प्रस्ताव रखा था।
डॉ. जोहरी ने कहा कि इसी के अनुपालन में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर राहत, बचाव, प्राथमिक उपचार तथा मानवीय सेवा के कार्यों में हरसंभव सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, शिक्षा, पशुपालन, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग, होमगार्ड, एनडीआरएफ, पीएसी, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट एंड गाइड, आपदा मित्र लीडर एवं आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि प्रतिभाग हेतु अपेक्षित थे।







