लक्ष्य तय कर अनुशासन और निरंतरता से करें पढ़ाई, सफलता मिलेगी जरूर : डीएम।

अभ्युदय योजना की निःशुल्क कोचिंग में छात्र-छात्राओं से संवाद कर जिलाधिकारी ने बताए सफलता के मंत्र।
शाहजहांपुर, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत जीएफ कॉलेज में संचालित निःशुल्क कोचिंग का गुरुवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूपीएससी, यूपीपीसीएस, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। डीएम ने विद्यार्थियों की तैयारी, अध्ययन की रणनीति और समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें सफलता के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य स्पष्ट करना चाहिए। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार टाइमटेबल बनाकर पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ उसका पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, धैर्य और एकाग्रता जरूरी है। विद्यार्थियों को लंबे समय तक नियमित और गंभीर अध्ययन की आदत विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने समय प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थी कम से कम एक माह की पढ़ाई का विस्तृत टाइमटेबल तैयार करें। पढ़ाई के साथ सोने और जागने का समय भी निश्चित रखें, ताकि शरीर और मस्तिष्क को पर्याप्त आराम मिल सके और अध्ययन में एकाग्रता बनी रहे।
डीएम ने करेंट अफेयर्स को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सप्ताहभर की प्रमुख घटनाओं और समाचारों को व्यवस्थित तरीके से पढ़कर उनका विश्लेषण करने की आदत डालें। इससे कम समय में महत्वपूर्ण जानकारियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
माइंड मैपिंग से बनाएं प्रभावी नोट्स
जिलाधिकारी ने नोट्स बनाने की तकनीक समझाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को दो तरह के नोट्स तैयार करने चाहिए। एक में माइंड मैपिंग के माध्यम से विषय को संक्षिप्त और क्रमबद्ध तरीके से लिखें, जबकि दूसरे में महत्वपूर्ण तथ्यों और अवधारणाओं के विस्तृत नोट्स तैयार करें। उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज जैसी परीक्षाओं में केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्तर लिखने का नियमित अभ्यास भी जरूरी है। विद्यार्थियों को समय सीमा के भीतर प्रश्न हल करने की आदत विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि कोचिंग में जिस अध्याय को पढ़ाया जाना है, उसे पहले से पढ़कर आएं। इससे कक्षा में विषय को समझने और अपनी शंकाओं का समाधान कराने में आसानी होगी। उन्होंने सभी विषयों की समान रूप से और ईमानदारी से तैयारी करने पर भी जोर दिया।
असफलता से सीख लेकर तैयारी करें बेहतर
डीएम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता केवल प्रतिभा के बल पर नहीं मिलती, बल्कि मेहनत, अनुशासन, धैर्य और सही रणनीति का भी बड़ा योगदान होता है। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर अपनी कमियों को दूर करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी तुलना दूसरों से करने के बजाय हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाने का प्रयास करें। लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं की समस्याएं और जिज्ञासाएं भी सुनीं तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार शर्मा सहित संबंधित अधिकारी और कोचिंग के शिक्षक मौजूद रहे।







