
देशभर में चर्चित Sonam Raghuvanshi Case यानि राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने फिलहाल सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया, हालांकि मेघालय हाईकोर्ट के फैसले पर शुरुआती तौर पर कुछ गंभीर सवाल भी उठाए।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हाईकोर्ट के फैसले के कुछ पहलुओं पर उन्हें आपत्ति है। इसके बावजूद अदालत ने यह देखते हुए तत्काल जमानत रद्द नहीं की कि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और जमानत की शर्तों का पालन करते हुए शिलांग में रह रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पक्ष के वकील से पूछा कि गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) से जुड़ा मुद्दा शुरुआती जमानत याचिकाओं में क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने यह भी सवाल किया कि जब पहले मेरिट के आधार पर जमानत खारिज हो चुकी थी, तब केवल एक तकनीकी आधार पर जमानत देना कितना उचित है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के फैसले को लेकर उसके कुछ प्रारंभिक निष्कर्ष हैं, लेकिन इस स्तर पर जमानत रद्द करना उचित नहीं होगा। मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी।
कैसे मिली थी सोनम को जमानत?
इस मामले में मेघालय हाईकोर्ट ने 27 अप्रैल को सोनम रघुवंशी को जमानत दी थी। अदालत ने माना था कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया।
दरअसल, हत्या का मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी के समय पुलिस दस्तावेजों में गलती से धारा 403(1) का उल्लेख किया गया। खास बात यह है कि BNS में धारा 403(1) अस्तित्व में ही नहीं है।
हाईकोर्ट ने पाया कि यह गलती केवल एक दस्तावेज तक सीमित नहीं थी, बल्कि गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी, निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य रिकॉर्ड में भी यही गलत धारा दर्ज थी। अदालत ने माना कि आरोपी को गिरफ्तारी के वास्तविक आधार की सही जानकारी नहीं दी गई, जो संविधान और कानून के तहत उसका अधिकार है। इसी आधार पर सोनम को जमानत प्रदान की गई।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मई 2025 में अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में 2 जून को उनका शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में एक गहरी खाई से बरामद हुआ।
जांच के दौरान पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी और अन्य आरोपियों को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह मामला पूरे देश में काफी चर्चा का विषय बना था।
आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखी है, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले की वैधता पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल मामले पर आने वाले दिनों में शीर्ष अदालत की सुनवाई और फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।









