
देश के सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी रोड प्रोजेक्ट्स में शुमार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) इन दिनों गलत वजहों से चर्चा में है। करीब ₹12,000 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे को खुले अभी महज तीन महीने ही हुए हैं, लेकिन पहली ही मानसूनी बारिश ने इसके निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर उभरे बड़े-बड़े गड्ढों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: हादसों और नुकसान का दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से की बदहाली को साफ देखा जा सकता है। वीडियो बनाने वाले शख्स ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं:
* लगातार सड़क हादसे: वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति का दावा है कि इन गहरे गड्ढों के कारण उसने अपनी आंखों के सामने कुछ ही देर में 4 से 5 गाड़ियों को दुर्घटनाग्रस्त होते देखा।
* वाहनों को भारी नुकसान: सड़क की इस खस्ताहाल स्थिति के चलते वहां से गुजरने वाले कई वाहनों के टायर फटने और सस्पेंशन टूटने की खबरें हैं, जिससे लोगों को काफी नुकसान पहुंचा है।
अप्रैल में पीएम मोदी ने किया था भव्य उद्घाटन
बता दें कि इस एक्सप्रेसवे के एक प्रमुख हिस्से का उद्घाटन इसी साल 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
* प्रोजेक्ट की खासियत: 6 लेन वाला यह हाईटेक एक्सप्रेसवे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
* सफर के समय में भारी बचत: इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य दिल्ली से देहरादून के बीच लगने वाले लगभग 6 घंटे के यात्रा समय को घटाकर महज ढाई (2.5) घंटे करना है। लेकिन पहली ही बारिश में सड़क की ऐसी हालत ने यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है।
पहली बारिश में बहे करोड़ों रुपये, NHAI के बयान का इंतजार
दिल्ली-एनसीआर में हुई हालिया तेज बारिश के बाद जब एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें सामने आईं, तो लोग हैरान रह गए। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क का पहली ही बारिश न झेल पाना इंजीनियरिंग और मॉनिटरिंग पर सवाल उठाता है।
हालांकि, इस मामले में अभी तक कुछ बातें स्पष्ट होना बाकी हैं:
1. एक्सप्रेसवे का कितना हिस्सा इस बारिश से प्रभावित हुआ है, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है।
2. इतनी जल्दी सड़क टूटने और गड्ढे बनने की वास्तविक तकनीकी वजह क्या है, यह अभी साफ नहीं है।
3. फिलहाल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या संबंधित निर्माण एजेंसी की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान नहीं आया है।
जनता का फूटा गुस्सा, निष्पक्ष जांच की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी और घटिया निर्माण कार्य को लेकर सरकार और ठेकेदारों को घेर रहे हैं। जनता की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार है, उन एजेंसियों व ठेकेदारों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आगे क्या?
हालांकि वायरल वीडियो की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित विभाग जल्द ही मौके का मुआयना करेगा। अगर गड्ढों की शिकायत सही पाई जाती है, तो पैचवर्क (मरम्मत) के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता की भी समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल, सभी की नजरें NHAI की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
नोट- इस वायरल वीडियो की पुष्टि CRS NEWS नहीं करता









