
रायबरेली। शाम को घर के पीछे जानवरों को चारा देने गई महिला के साथ गांव के युवक द्वारा दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता एक महीने से थाने और पुलिस अधिकारियों की चौखट की खाक छान रही है। लेकिन मामले में अब तक मुक़दमा दर्ज़ नहीं किया गया है। स्थानीय पुलिस पर पीड़िता और उसके पति को धमकाने का आरोप है।
मामला गुरबख्शगंज थाने क्षेत्र का है। घटना एक माह पूर्व की है। क्षेत्र के गांव निवासिनी महिला का आरोप है कि बीती 29 फ़रवरी की शाम करीब सात बजे वह अपने घर के पीछे जानवरों को चारा–पानी देने गई थी। चारा देने के दौरान अंधेरा ज़्यादा हो गया। अंधेरे का फ़ायदा उठाकर गांव का ही एक युवक वहां आया और महिला पीछे पकड़कर नीचे गिरा दिया और जबरन उसके साथ दुष्कर्म क़िया। आरोप है कि जब महिला ने शिकायत करने की बात की तो युवक ने वहीं लात घूंसो से उसकी पिटाई कर दी और शिक़ायत करने पर महिला व उसके पति को जान से मार डालने की धमकी देकर निकल गया। परेशान और रोते बिलखते हुए महिला ने घर जाकर जब पूरी आपबीती अपने पति को बताया। जिसके बाद दंपति स्थानीय थाना गुरबख्शगंज में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की। थाने के चक्कर लगाने के बाद मामले में कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो मंगलवार को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची जहां पुलिस अधीक्षक से उसकी मुलाकात नहीं हुई। अपितु उसे पुनः थाने जाने के लिए कहा गया। अगली सुबह महिला अपने पति के साथ थाने पहुंची तो एसआई महिला समेत दो सिपाहियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा उसके पति को गालियां देकर भगा दिया। महिला का आरोप है कि पुलिस वालों ने ऐसी छोटो छोटी घटना होती रहती है। इसके बाद उन लोगों महिला वीडियो बनाकर मन माफिक बयान ले लिया। सवाल बड़ा है कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न जैसे मामले को पुलिस कैसे नजरअंदाज कर सकता है?
रायबरेली। शम को घर के पीछे जानवरों को चारा देने गई महिला के साथ गांव के युवक द्वारा दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता एक महीने से थाने और पुलिस अधिकारियों की चौखट की खाक छान रही है। लेकिन मामले में अब तक मुक़दमा दर्ज़ नहीं किया गया है। स्थानीय पुलिस पर पीड़िता और उसके पति को धमकाने का आरोप है।
मामला गुरबख्शगंज थाने क्षेत्र का है। घटना एक माह पूर्व की है। क्षेत्र के गांव निवासिनी महिला का आरोप है कि बीती 29 फ़रवरी की शाम करीब सात बजे वह अपने घर के पीछे जानवरों को चारा–पानी देने गई थी। चारा देने के दौरान अंधेरा ज़्यादा हो गया। अंधेरे का फ़ायदा उठाकर गांव का ही एक युवक वहां आया और महिला पीछे पकड़कर नीचे गिरा दिया और जबरन उसके साथ दुष्कर्म क़िया। आरोप है कि जब महिला ने शिकायत करने की बात की तो युवक ने वहीं लात घूंसो से उसकी पिटाई कर दी और शिक़ायत करने पर महिला व उसके पति को जान से मार डालने की धमकी देकर निकल गया। परेशान और रोते बिलखते हुए महिला ने घर जाकर जब पूरी आपबीती अपने पति को बताया। जिसके बाद दंपति स्थानीय थाना गुरबख्शगंज में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की। थाने के चक्कर लगाने के बाद मामले में कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो मंगलवार को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची जहां पुलिस अधीक्षक से उसकी मुलाकात नहीं हुई। अपितु उसे पुनः थाने जाने के लिए कहा गया। अगली सुबह महिला अपने पति के साथ थाने पहुंची तो एसआई महिला समेत दो सिपाहियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया तथा उसके पति को गालियां देकर भगा दिया। महिला का आरोप है कि पुलिस वालों ने ऐसी छोटो छोटी घटना होती रहती है। इसके बाद उन लोगों महिला वीडियो बनाकर मन माफिक बयान ले लिया। सवाल बड़ा है कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न जैसे मामले को पुलिस कैसे नजरअंदाज कर सकता है?
थानाध्यक्ष प्रवीर गौतम ने बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। जांच की जा रही है।










