
नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गदागंज थाना परिसर में आयोजित समाधान दिवस, 16 शिकायतों में एक का भी नहीं हुआ निस्तारण
गदागंज/रायबरेली। गदागंज थाना परिसर में शनिवार को नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह एवं थाना प्रभारी दयानंद तिवारी की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन किसी भी मामले का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। इससे दूर-दराज से पहुंचे फरियादियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले जमीन विवाद, कब्जेदारी और आंधी-तूफान में गिरे पेड़ों से जुड़े सामने आए। मिर्जा जट्टूपुर मजरे किशोरी बालमपुर निवासी सावित्री देवी ने आरोप लगाया कि उनके ससुर के नाम पट्टे की जमीन पर गांव के कुछ लोग जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहे हैं। विरोध करने पर जान-माल की धमकी भी दी जा रही है।
एकडला गांव निवासी राजकुमार यादव ने शिकायत करते हुए बताया कि आंधी में गिरे नीम के पेड़ को गांव के ही तीन लोगों ने जबरन काटकर लकड़ी गायब कर दी। विरोध करने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
धीरनपुर निवासी रामकुमार ने आरोप लगाया कि उनकी भूमिधरी जमीन पर खड़े लगभग 50 वर्ष पुराने लसोढ़ा के पेड़ को लेकर विवाद चल रहा है। विपक्षी उन्हें पेड़ काटने नहीं दे रहे और मारपीट की धमकी दे रहे हैं।
समाधान दिवस में आई अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह ने राजस्व कर्मियों एवं पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर सभी मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए।
इस दौरान थाना प्रभारी दयानंद तिवारी, दरोगा मोहम्मद मुकरिम, अनिल शर्मा, कानूनगो उदय सिंह, लेखपाल दिनेश चौरसिया, आदित्य पटेल, मनोज द्विवेदी, राजेंद्र तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि हरकेश सिंह, राजू सिंह, प्रेम श्रीवास्तव समेत कई लोग मौजूद रहे।










