
CRS NEWS: सिद्धार्थनगर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए पीड़िता के सगे मामा और उसके साथी को शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध पाया। दोषियों की पहचान बांसी कोतवाली क्षेत्र निवासी अशर्फी और नारायण के रूप में हुई है। मुख्य अभियुक्त पीड़िता का सगा मामा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 जून 2019 को नाबालिग पीड़िता बांसी नगर के एक मोहल्ले में स्थित अपने ननिहाल में सिलाई सीखने गई थी। 16 जून 2019 को उसका मामा कपड़ा दिलाने के बहाने बाइक से अपने साथ ले गया। दोनों आरोपी बाइक से बस्ती और रुधौली तक गए, जहां रास्ते में आरोपियों ने बीयर पी और नाबालिग को भी जबरन शराब पिलाई।
नशे की हालत में पीड़िता को वापस बांसी लाया गया और नगर पालिका क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज के पास स्थित खंडहर में दोनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद रात करीब 12 बजे पीड़िता को गांव में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत घृणित और समाज को झकझोर देने वाला है, इसलिए दोषियों को कठोरतम सजा दी जानी आवश्यक है।
अदालत के इस फैसले से पीड़िता को न्याय मिलने के साथ ही समाज में सख्त संदेश गया है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।










