
CRS NEWS नई दिल्ली: National Anthem New Guidelines- गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइनकेंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने भारत के राष्ट्रगान (‘जन गण मन’) और राष्ट्रीय गीत (‘वंदे मातरम्’) के गायन, वादन और प्रोटोकॉल को लेकर नई और विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
नए आदेशों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों (National Symbols) की गरिमा को बनाए रखना और आम नागरिकों व छात्रों के बीच इनके प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाना है।
नीचे जानिए राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को लेकर क्या हैं गृह मंत्रालय के नए नियम:
1. गायन और वादन का अनिवार्य क्रम (Protocol of Singing)
यदि किसी भी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में एक से अधिक गान प्रस्तुत किए जाने हैं, तो उनका क्रम गृह मंत्रालय द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है:
पहला स्थान: कार्यक्रम में सबसे पहले राष्ट्रीय गीत (‘वंदे मातरम्’) गाया या बजाया जाएगा।
दूसरा स्थान: इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान (‘जन गण मन’) प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य गीत (State Anthem): यदि किसी राज्य में अपना ‘राज्य गीत’ गाने की परंपरा है, तो भी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का गायन अनिवार्य होगा। क्रम वही रहेगा— पहले वंदे मातरम्, फिर जन गण मन।
2. शब्दों का स्पष्ट उच्चारण और आधिकारिक पाठ
- गायन या वादन के समय शब्दों का स्पष्ट उच्चारण और शुद्ध पाठ होना अनिवार्य है।
- त्रुटि से बचने के लिए, गृह मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दोनों गानों का अधिकृत पाठ (Official Text) और सही उच्चारण मार्गदर्शिका उपलब्ध करा दी है।
3. सावधान मुद्रा में खड़े होने के नियम और छूट (Rules & Exceptions)
- सम्मान की मुद्रा (Standing Rule): जब भी राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जा रहा हो, तो वहां उपस्थित सभी लोगों को सम्मान प्रकट करने के लिए ‘सावधान’ (Attention) की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य है।
- छूट (Exceptions): यदि किसी न्यूज़ रील, डॉक्यूमेंट्री या फीचर फ़िल्म के दृश्य के दौरान राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत बजता है, तो दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। गृह मंत्रालय के अनुसार, ऐसे समय खड़े होने से फिल्म के प्रदर्शन में रुकावट आती है और अव्यवस्था या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
- गरिमा का ध्यान: राष्ट्रीय ध्वज की तरह ही, इन दोनों गानों का अनुचित या अनावश्यक जगहों पर प्रयोग पूर्णतः वर्जित है।
4. निर्धारित अवसर: कब क्या गाया या बजाया जाएगा?
गृह मंत्रालय ने उन अवसरों की स्पष्ट सूची जारी की है जहाँ इनका वादन अनिवार्य या अनुशंसित है:
क. राष्ट्रगान (‘जन गण मन’) के लिए निर्धारित अवसर:
- राष्ट्रपति, राज्यपाल या उपराज्यपाल के औपचारिक कार्यक्रमों (आगमन और प्रस्थान) में।
- राष्ट्रीय सलामी (National Salute), सैन्य परेड और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान।
- नौसेना में ध्वज फहराने और सैन्य ध्वज प्रदान करते समय।
- औपचारिक राज्य समारोहों और निर्धारित सरकारी कार्यक्रमों में।
ख. राष्ट्रीय गीत (‘वंदे मातरम्’) के लिए निर्धारित अवसर:
- नागरिक सम्मान समारोहों और औपचारिक राजकीय समारोहों में।
- सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय।
- राष्ट्रपति द्वारा रेडियो (AIR) या टेलीविजन (TV) पर राष्ट्र को संबोधित करने से ठीक पहले और तुरंत बाद।
- राज्यों में राज्यपाल या उपराज्यपाल के औपचारिक समारोहों में आगमन व प्रस्थान के समय।
- परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय।
ग. स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए निर्देश:
- दिन की शुरुआत: स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत के गायन के साथ अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए।
- सांस्कृतिक और सार्वजनिक महत्व के आयोजनों में सामूहिक गायन को प्रोत्साहित किया गया है, ताकि युवाओं में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आदर भाव गहरा हो सके।









