
CRS NEWS: रायबरेली, उत्तर प्रदेश | 25 फरवरी 2026: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सम्मान और उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी और शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने के बाद जिस प्रकार से शंकराचार्य के खिलाफ कार्रवाई हुई और उनके साथ आए बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आईं, उससे पूरे समाज में गंभीर चिंता और असंतोष का माहौल पैदा हुआ है।
ज्ञापन में कहा गया कि शंकराचार्य के विरुद्ध POCSO Act सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज की गई प्राथमिकी कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव और दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है, जिससे धार्मिक आस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्रोतों से यह जानकारी सामने आ रही है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति का आपराधिक इतिहास रहा है, इसलिए पूरे मामले की हर पहलू से गहन जांच होना आवश्यक है।
कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन को मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं। ऐसे में किसी शीर्ष धर्माचार्य के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पारदर्शिता और निष्पक्षता अनिवार्य है, ताकि किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका समाप्त हो सके और न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बना रहे।
नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शासन की कार्रवाई अनावश्यक कठोरता या प्रतिशोधात्मक मानसिकता से प्रेरित दिखाई देती है, तो इससे सरकार की छवि और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर प्रश्नचिन्ह लगता है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील प्रकरण का समाधान न्यायपूर्ण तरीके से होना बेहद जरूरी है, अन्यथा इससे सामाजिक और धार्मिक असंतोष बढ़ सकता है।
इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी और जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।










